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बिलासपुर फायरिंग केश को पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया

बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र में मंगलवार शाम हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। अज्ञात नकाबपोश बाइक सवारों ने जनपद उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता नितेश सिंह के निजी ऑफिस के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उनके दो सहयोगी राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हो गए। दोनों को तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए।

जांच में सामने आया कि यह हमला जमीन विवाद और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा था। मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत और नितेश सिंह के परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन की खरीद-बिक्री और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने भाइयों और सहयोगियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला करने की योजना बनाई थी।

घटना के दिन, 28 अक्टूबर की शाम छह बजे, आरोपी दो मोटरसाइकिलों में सवार होकर पहुंचे और ऑफिस के सामने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी तारकेश्वर पाटले ने विश्वजीत अनंत को ₹1 लाख की राशि दी थी, जिसे हमले की तैयारी में खर्च किया गया।

एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में सायबर सेल और मस्तूरी थाना पुलिस की टीम ने 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विश्वजीत, अरमान, चाहत, मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद मतीन और दो नाबालिग शामिल हैं।

पुलिस ने उनके कब्जे से दो देशी पिस्टल, एक कट्टा, पांच मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, 13 खाली खोखे, दस बुलेट और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सभी हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने कहा कि अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश और षड्यंत्र की गहराई से जांच जारी है।

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