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आंदोलन के बीच तेज हुई धान खरीद, 17.59 करोड़ की लिंकिंग वसूली

धमतरी। सहकारी समितियों के कर्मचारियों के आंदोलन के बीच जिले में धान खरीद कार्य रुक-रुक कर जरूर चला, लेकिन प्रभारी प्रबंधकों और विभागीय कर्मचारियों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ मोर्चा संभालते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद एक सप्ताह में किसानों से तीन लाख 38 हजार 183.60 क्विंटल धान की खरीद की गई है। इस खरीदी के एवज में किसानों को 80 करोड़ 27 लाख 86 हजार रुपये का भुगतान प्रस्तावित है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए कृषि और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को विभिन्न समितियों में प्रभार सौंपा था। हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी थी, लेकिन इन अधिकारियों-कर्मचारियों ने न सिर्फ खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखा बल्कि बेहतर परफॉर्मेंस भी दिया। धान खरीदी के साथ-साथ प्रभारियों ने लिंकिंग वसूली भी जारी रखी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसानों से 17 करोड़ 59 लाख रुपये की वसूली की गई, जो इस अवधि में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस बीच तकनीकी और प्रबंधन संबंधी चुनौतियां भी सामने रहीं। समितियों के नियमित कर्मचारियों के न होने के कारण केवल आनलाइन टोकन ही कट रहे थे, जबकि नियम के अनुसार 30 प्रतिशत आफलाइन टोकन भी जारी किया जाना अनिवार्य है।
आफलाइन टोकन न कट पाने से खरीद केंद्रों की क्षमता का केवल 70 प्रतिशत उपयोग हो पा रहा था, जिससे खरीद की रफ्तार सीमित रही। अब आंदोलन खत्म होने और समितियों के कर्मचारियों के चार्ज संभालने के बाद स्थिति में तेजी से सुधार की उम्मीद है। कर्मचारियों के वापस लौटने के साथ ऑफलाइन टोकन कटना भी शुरू होगा, जिससे केंद्रों की पूरी क्षमता का उपयोग हो सकेगा और धान खरीद की गति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। 24 नवंबर से समितियों के कर्मचारी पूरी तरह मोर्चा संभालने जा रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन को उम्मीद है कि खरीद प्रक्रिया और अधिक सुचारू, तेज एवं व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ेगी। किसान भी अब राहत महसूस कर रहे हैं कि खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाएं सामान्य हो रही हैं और जल्द ही भुगतान प्रक्रिया भी गति पकड़ेगी।



