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‘उन्नति’ प्रोजेक्ट: मनरेगा श्रमिकों के लिए कौशल विकास और स्वावलंबन की नई राह

दंतेवाड़ा । महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत प्रोजेक्ट उन्नति के तहत 60 दिनों से अधिक कार्य कर चुके मनरेगा श्रमिकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जनपद पंचायत गीदम के 26 और जनपद पंचायत कटेकल्याण के 34 श्रमिकों को रूरल मेसन (राजमिस्त्री) का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रीशियन, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई मशीन, ड्राइविंग, मशरूम उत्पादन जैसे विभिन्न ट्रेडों में स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सभी प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेट्टी) द्वारा निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कौशल विकास, उद्यमिता और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण प्राप्त श्रमिक प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण में राजमिस्त्री के रूप में कार्य कर आय अर्जित कर सकेंगे और आगे स्वयं का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनेंगे। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा बेरोजगारी नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। मनरेगा श्रमिकों को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना ही इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है।

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