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आम जनता की जेब को राहत! टैक्स स्लैब से सब्सिडी तक, जानें इस बार क्या हो सकता है खास

जैसे-जैसे फरवरी का महीना नजदीक आ रहा है, पूरे देश की नजरें मोदी सरकार के आगामी बजट पर टिक गई हैं। 2026 का बजट ऐसे समय में आ रहा है जब मध्यम वर्ग महंगाई से जूझ रहा है और युवा रोजगार के नए अवसरों की तलाश में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का बजट ‘समावेशी विकास’ और ‘मिडिल क्लास’ को राहत देने वाला हो सकता है। आइए उन मुद्दों पर चर्चा करते हैं, जिन्हें इस बार के बजट में शामिल किया जा सकता है।

1. इनकम टैक्स: स्लैब में बदलाव की उम्मीद

आम आदमी के लिए बजट का सबसे बड़ा आकर्षण इनकम टैक्स (Income Tax) होता है। मध्यम वर्ग को उम्मीद है कि ‘न्यू टैक्स रिजीम’ को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए सरकार Standard Deduction की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1 लाख कर सकती है। साथ ही, ₹7 लाख तक की टैक्स-फ्री आय की सीमा में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, ताकि लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए अधिक पैसा (Disposable Income) बचे।

2. महंगाई पर लगाम और रियायती राशन

खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना (PM Garib Kalyan Anna Yojana) के लिए बड़े फंड का आवंटन जारी रख सकती है। साथ ही, रसोई गैस (LPG) और उर्वरक (Fertilizers) पर सब्सिडी को लेकर भी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं ताकि ग्रामीण और शहरी गरीबों को राहत मिल सके।

3. ‘अपना घर’ का सपना होगा पूरा?

रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट देने और आम जनता को सस्ता घर मुहैया कराने के लिए पीएम आवास योजना (PM Awas Yojana) के बजट में वृद्धि की जा सकती है। होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट (धारा 24b) की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख करने की मांग उठ रही है, जिससे पहली बार घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

4. युवाओं के लिए रोजगार और स्किलिंग

2026 के बजट में सरकार का मुख्य फोकस ‘रोजगार सृजन’ पर रह सकता है। स्टार्टअप्स को टैक्स हॉलिडे देने और ‘मेक इन इंडिया 2.0’ के तहत नए मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा, नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम के लिए अधिक फंड आवंटित किया जा सकता है।

5. स्वास्थ्य और शिक्षा पर निवेश

कोरोना के बाद से स्वास्थ्य बजट में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। उम्मीद है कि इस बार आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा, जिसमें मध्यम वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल किया जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल यूनिवर्सिटी और एआई (AI) लर्निंग पर जोर रहेगा।

सरकार के सामने बड़ी चुनौती

गौरतलब है कि बजट 2026 सरकार के लिए एक संतुलन साधने की चुनौती होगा। एक तरफ राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना और दूसरी तरफ आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना। यदि सरकार टैक्स में राहत और बुनियादी ढांचे पर खर्च के बीच सही तालमेल बिठा लेती है, तो यह बजट ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

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