जनता की समस्याओं का समाधान ही सुशासन की पहचान: मंत्री नेताम

छोटे मुड़पार में आयोजित शिविर में मंत्री ने सुनीं लोगों की समस्याएं
विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
हितग्राहियों को पीएम आवास की चॉबी, केसीसी और सहायक उपकरणों का वितरण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित सुशासन तिहार के तहत आज रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत खरसिया के ग्राम छोटे मुड़पार में विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।

कार्यक्रम में प्रदेश के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में ग्रामीणों से 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के समय-सीमा के भीतर निराकरण के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सुशासन तिहार इसी संकल्प का परिणाम है, जहां शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन की स्थापना की जा रही है। सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही प्रदेश और देश के विकास की आधारशिला है। जब किसान समृद्ध होगा, युवा आत्मनिर्भर होगा और गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा। प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएं। प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
हितग्राहियों को मिली योजनाओं की सौगात
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत केवरा बाई महंत एवं पांचो बाई को आवास की चाबी सौंपी गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा तुषार रौतिया, अघोरी दास महंत, भोकलो पटैल एवं कुशवाराम सिदार को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। मछली पालन विभाग द्वारा रामकुमारी दिसार एवं श्रीमती जानकी पटैल को मछली पकड़ने का जाल तथा श्रीमती बलेश्वरी सिदार एवं श्रीमती पीली बाई पटैल को आइस बॉक्स प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा सेवकराम पटेल, धनाराम पटेल, महेत्तर भारद्वाज एवं तुलसी बाई सिदार को हरी खाद एवं बीज सामग्री वितरित की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से तीरथ राम सिदार एवं खीर कुमारी राठिया को फील्ड टेस्टिंग किट प्रदान की गई। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अर्पिता, पूजा पटैल एवं आरुषी पटैल को स्थायी जाति प्रमाण-पत्र सौंपे गए।
इसी प्रकार लालाराम पटैल, जमाबाई सिदार, छेदीलाल साहू, बृजमोहन पटैल तथा रोहित राठिया को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के चेक वितरित किए गए। शिविर में आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड एवं राशन कार्ड का भी वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छह गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा ग्रामीणों को निःशुल्क पौधों का वितरण किया गया। सुशासन तिहार के इस शिविर ने शासन और जनता के बीच संवाद का एक सशक्त मंच प्रदान किया, जहां समस्याओं के समाधान के साथ-साथ विकास योजनाओं का लाभ भी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाया गया।



