entertainment

पहली नजर में हुआ प्यार, अमिताभ बच्चन ने पहचाना अमिताभ का स्टारडम, सहेलियों ने कहा लकड़ी

अक्टूबर 2025 में हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चुनावों को लेकर एक चौंकाने वाली जांच रिपोर्ट सामने आई है। सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली, पक्षपात और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गंभीर अनियमितताएं हुईं। पूर्व न्यायमूर्ति एकेएम असदुज्जमान की अध्यक्षता वाली इस समिति ने अपनी रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंपी, जिसमें तत्कालीन अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल और मंत्रालय के कुछ अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।

जांच में यह भी सामने आया कि ई-वोटिंग प्रक्रिया पूरी तरह से पहले से तय और फर्जी थी। रिपोर्ट के अनुसार 5 अक्टूबर की रात ढाका के एक होटल में मतदाताओं को इकट्ठा किया गया और वहीं से वोटिंग कराई गई। यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ थी और वोट की गोपनीयता का भी उल्लंघन करती थी। अधिकारियों ने साफ कहा कि यह चुनाव न तो स्वतंत्र था और न ही निष्पक्ष या पारदर्शी।

जांच समिति ने अमीनुल इस्लाम पर बीसीबी के संविधान का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगाए। नियमों के मुताबिक अध्यक्ष के पास अकेले 10 पूर्व क्रिकेटरों को काउंसलर नियुक्त करने का अधिकार नहीं है, लेकिन उन्होंने ऐसा किया और इससे चुनाव में फायदा उठाया। इतना ही नहीं, पार्षदों के नाम जमा करने की समय सीमा को बार-बार बढ़ाया गया, ताकि अपने समर्थकों को शामिल किया जा सके। जांच के दौरान अमीनुल ने समिति के सामने पेश होने से इनकार कर दिया और सिर्फ लिखित जवाब ही दिया।

इन सभी अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मिलने के बाद सरकार ने अमीनुल के नेतृत्व वाले बोर्ड को भंग कर दिया है। अब एक 11 सदस्यीय तदर्थ समिति अगले तीन महीनों तक बोर्ड का संचालन करेगी। इस समिति की कमान तमीम इकबाल को सौंपी गई है, जिन्होंने पहले ही अमीनुल पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। तमीम इकबाल के नेतृत्व में यह नई समिति अब बोर्ड की साख को बहाल करने और 90 दिनों के भीतर पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में काम करेगी। यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट में सुधार और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button