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संसद में बढ़ते प्रदूषण पर जमकर हंगामा ,हर शहर के लिए एक्शन प्लान की मांग

हर शहर के लिए एक्शन प्लान की मांग

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में शुक्रवार को देश के बड़े शहरों में प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इस पर संसद में व्यापक चर्चा कराकर अगले 5 से 10 साल में चरणबद्ध तरीके प्रदूषण से निपटने के लिए विस्तृत खाका पेश करने की मांग की।

राहुल गांधी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कहा कि हमारे देश के अधिकांश बड़े शहरों के लोग अब जहरीली हवा की मोटी चादर में जी रहे हैं। इससे करोड़ों बच्चों के फेफड़े खराब हो रहे हैं, उनका भविष्य खतरे में है। लोग कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं, बुजुर्गों को सांस लेने में समस्या हो रही है। यह एक गंभीर मुद्दा है। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की सहमति है। यह कोई वैचारिक लड़ाई नहीं है, बल्कि यह मुद्दा हमारे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि इस सदन में मौजूद हर व्यक्ति इस बात से सहमत है कि यह हमारे लोगों के लिए बहुत खतरनाक है। हम इससे समझौता कर रहे हैं। यह बहुत जरूरी है कि सरकार हमारे शहरों में प्रदूषण को खत्म करने के लिए योजना बनाए। हम ऐसी योजना बनाने में सरकार की मदद करने के लिए एकमत हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि सदन में इस विषय पर चर्चा के बाद प्रधानमंत्री को हर शहर के लिए एक योजना पेश करनी चाहिए, जिससे अगले 5 से 10 सालों में चरणबद्ध तरीके से प्रदूषण से निपटने के लिए कार्य किया जाएगा। यह देश के लोगों के लिए बहुत जरूरी है। राहुल गांधी ने राजधानी नई दिल्ली सहित कई प्रमुख शहरों के वायु प्रदूषण की चपेट में आने का विषय उठाया और कहा कि सरकार को संसद में विस्तृत चर्चा कराने के साथ इस समस्या से निपटने के लिए एक योजना सामने रखनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह किसी तरह का विरोध करने नहीं, बल्कि सरकार का सहयोग करने आए हैं।

राहुल गांधी ने केंद्र से पूछा कि आने वाले 45 वर्षों के लिए सरकार का रोडमैप क्या है। उन्होंने कहा कि क्या केंद्र सरकार इस योजना को संसद के पटल पर प्रस्तुत कर सकती है? उन्होंने कहा कि हमारे अधिकांश शहर इस समय जहरीली हवा की चपेट में आ चुके हैं। लाखों बच्चों के फेफड़े कई बीमारियों से ग्रस्त हैं। उनका भविष्य खतरे में है। लोग कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं और बुजुर्गों को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि यह बेहद जरूरी मुद्दा है और उन्हें पूरा विश्वास है कि केंद्र सरकार भी इस पर सहमति जताएगी। यह कोई वैचारिक मुद्दा नहीं है। सदन के सभी सदस्य इस बात से जरूर सहमत होंगे कि वायु प्रदूषण लोगों के लिए नुकसानदेह है और इससे निपटने के लिए सभी को साथ मिलकर कदम उठाने होंगे।

राहुल गांधी के प्रस्ताव पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी इसके लिए समय आवंटित कर सकती है। रिजिजू  ने स्पष्ट किया कि सरकार शुरू से ही विपक्ष के सुझावों को साथ लेकर सभी जरूरी मुद्दों पर चर्चा और समाधान निकालना चाहती है।

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