वो खिलाड़ी जिसने वर्ल्ड कप में ली थी हैट्रिक, फाइनल की आखिरी गेंद पर कैसे बन गए हीरो से विलेन

भारतीय क्रिकेट के नामी खिलाड़ी और पूर्व चयनकर्ता चेतन शर्मा आज अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 3 जनवरी 1966 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था। चेतन शर्मा उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना बेहद कम उम्र में शुरू किया। उनका नाम भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों की सूची में दर्ज है और उन्होंने कम उम्र में ही अपने खेल से सबको प्रभावित किया।
17 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू
चेतन शर्मा ने मात्र 17 साल की उम्र में 1983 में भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेला और इसके एक साल बाद 1984 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। महज 18 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले चेतन उन चुनिंदा खिलाड़ियों में हैं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। अपने करियर की शुरुआत से ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी क्षमता और खेल समझ से टीम इंडिया के लिए कई यादगार पल दिए।
लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड में दर्ज है चेतन शर्मा का नाम
1986 में चेतन शर्मा का नाम क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर दर्ज हुआ। इस मैच में उन्होंने मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ 5 विकेट हासिल किए, जो उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
हैट्रिक में तीनों गेंदबाजों को किया क्लीन बोल्ड
इसके अलावा, वर्ल्ड कप में चेतन शर्मा ने इतिहास रचते हुए भारत के फाइनल ग्रुप मैच में न्यूजीलैंड के केन रदरफोर्ड, इयान स्मिथ और इवेन चैटफील्ड को लगातार तीन गेंद पर क्लीन बोल्ड करके हैट्रिक हासिल की। यह हैट्रिक खास इसलिए भी यादगार रही क्योंकि तीनों बल्लेबाजों को एक ही फॉर्मेट में क्लीन बोल्ड किया गया।
हीरो से बन गए थे विलेन
हालांकि चेतन शर्मा का करियर कई शानदार पलों से भरा रहा, लेकिन 1986 के ऑस्ट्रेल-एशिया कप फाइनल में उनका नाम थोड़ी निराशा के साथ जुड़ गया। पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर केवल 4 रन की दरकार थी और जावेद मियांदाद ने चेतन की अंतिम फुलटॉस पर छक्का जड़ा, जिससे पाकिस्तान ने मैच जीत लिया। इस घटना के बाद भारतीय फैंस ने उन्हें अस्थायी रूप से “विलेन” मान लिया।
चेतन शर्मा का करियर
चेतन शर्मा ने भारत के लिए कुल 23 टेस्ट और 65 वनडे मैच खेले। टेस्ट और वनडे में क्रमशः 61 और 67 विकेट हासिल किए। ऑलराउंडर के रूप में उन्होंने क्रमशः 396 और 456 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में 188 रन देकर 10 विकेट उनकी बेस्ट गेंदबाजी रही। चेतन शर्मा न केवल अपने खेल के लिए बल्कि भारत के लिए चयनकर्ता और कमेंटेटर के रूप में भी याद किए जाते हैं। टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर के रूप में उनका योगदान भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण रहा। उनकी सोच और अनुभव कई युवा खिलाड़ियों के करियर को दिशा देने में मददगार साबित हुए।



