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सौर सुजला योजना से आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम

क्रेडा विभाग के माध्यम से उनके खेत में 3 एच.पी. क्षमता का सोलर सिंचाई पंप स्थापित किया गया। सोलर पंप की स्थापना से पूर्व वे डीजल पंप से सिंचाई करते थे, जिससे एक एकड़ भूमि की सिंचाई पर लगभग 10 हजार रुपये तक का व्यय होता था। डीजल की बढ़ती कीमत और पंप की अनियमितता के कारण वे वर्ष में केवल एक ही फसल ले पाते थे, जिससे आय सीमित रहती थी।

योजना के अंतर्गत मात्र 10 हजार रुपये के अंशदान पर सोलर पंप स्थापित होने से डीजल पर होने वाला खर्च पूर्णतः समाप्त हो गया तथा सिंचाई की सुविधा नियमित और सुगम हो गई। परिणामस्वरूप अब वे वर्ष में दो फसल लेने में सक्षम हो गए हैं। वर्तमान में अवध राम एक एकड़ भूमि में आलू एवं गेहूं तथा 40 डिसमिल भूमि में परवल की खेती कर रहे हैं, जिससे लगभग 90 हजार रुपये का लाभ होने की संभावना है। आगामी धान फसल से भी 60 से 70 हजार रुपये तक के मुनाफे का अनुमान है। इस प्रकार 1.4 एकड़ भूमि से उनकी वार्षिक आय लगभग 1.5 लाख रुपये तक पहुँचने की संभावना है।

सोलर पंप की स्थापना से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति एवं जीवन स्तर में भी सुधार आया है। अवध राम अब आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर होते हुए अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। शासन की यह पहल किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें समृद्धि की ओर अग्रसर करने में प्रभावी सिद्ध हो रही है।

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