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02 जुलाई से शनिदेव इन राशियों पर बरसाएंगे अपनी विशेष कृपा, जानिए भाग्यशाली राशियां

जुलाई माह ग्रहों के गोचर के आधार पर बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वाला होगा। जुलाई माह के आखिरी में जहां न्याय के देवता शनि वक्री होंगे, वहीं माह के शुरुआत में भी नक्षत्र पद में गोचर करेंगे। 2 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे, जो इसमें 19 अगस्त तक विराजमान रहेंगे। आपको बता दें कि रेवती नक्षत्र के स्वामी ग्रह बुध होते हैं और शनि की इनसे मित्रता का भाव रहता है। ऐसे में शनि का दूसरे नक्षत्र पद में गोचर कई राशियों के लिए अच्छा और और भाग्यशाली सााबित हो सकता है। वहीं कुछ राशियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। 

शनि के नक्षत्र पद परिवर्तन से इन राशियों को मिलेगा शुभ फल

02 जुलाई को शनि के नक्षत्र पद परिवर्तन करने का प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलेगा। इस नक्षत्र पद परिवर्तन से सभी 12 राशियों में से कुछ को भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। ये राशियां होंगी- वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर, कुंभ और मीन। आने वाले समय में आर्थिक स्थितियों में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा। भाग्य का भरपूर साथ आपको मिलेगा। इस दौरान कहीं दूसरी जगहों से आकस्मिक धन लाभ के अवसरों में वृद्धि के योग बनेंगे। आय के नए-नए स्तोत्रों में इजाफा होगा। इन राशि वालों को बहुत सारे अधूरे कार्य पूरे होंगे जिससे जिससे मन प्रसन्न और आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर होगी। नई नौकरी की तलाश करने वालों को कुछ अच्छे मौके मिल सकते हैं। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि देखने को मिल सकती है। इस दौरान भौतिक सुख-सुविधाओं में इजाफा और लाभ के अवसर में वृद्धि के संकेत हैं। माह के अंत तक कई तरह के शुभ समाचार सुनने को मिलेंगे।

इन राशियों को रहना होगा सतर्क

शनि के नक्षत्र पद परिवर्तन से कुछ राशि वालों को आने वाले दिनों में मुश्किलों का भी सामना करना पड़ सकता है। ये तीन राशि वालों को आने वाले कुछ दिनों में बहुत ही सतर्क रहना होगा नहीं तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस दौरान आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है और धन हानि होने से कई तरह के कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। इस दौरन आपको जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचना होगा। पारिवारिक मामलों में आपको थोड़ा संभलकर रहना होगा। आने वाला समय निवेश के लिहाज से अच्छा नहीं रहेगा।

उपाय

– शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर दर्शन करें और सरसों का तेल अर्पित करें।

– कुंडली में शनि की अशुभ छाया को कम करने के लिए और शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सरसों का तेल, काला तिल, काली उड़द की दाल और छाता का दान करें ।

– शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें।

– शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ और शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।

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