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घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर महंगे, आज मार्च से नई दरें लागू

नई दिल्ली। देशभर में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से बढ़ोतरी कर दी गई है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किया गया है, जबकि 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि की गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं के साथ होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी असर पड़ने की संभावना है।

नई कीमतों के अनुसार, दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। मुंबई में यह 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर की कीमत बढ़कर लगभग 939 रुपये के आसपास पहुंच गई है, जबकि चेन्नई में यह 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है।

वहीं, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी बढ़ाई गई है। दिल्ली में इसकी कीमत 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गई है। मुंबई में यह 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये हो गई है। कोलकाता में इसकी कीमत 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है।

बताया जा रहा है कि इससे पहले अप्रैल 2025 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया था। उसके बाद से कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। अब लगभग एक साल बाद हुई इस बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है।

इधर, देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को किफायती और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है और देश में ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता है।

इस बीच Indian Oil Corporation ने भी सोशल मीडिया पर फैल रही पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से काम कर रही है।

सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जारी आदेश में कहा गया है कि रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का अधिकतम उपयोग एलपीजी उत्पादन के लिए करें। साथ ही उत्पादित एलपीजी को केवल तीन सार्वजनिक तेल कंपनियों—Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum—को उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है। देश ने पिछले कुछ वर्षों में कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता बढ़ाई है और अब रूस सहित कई देशों से तेल आयात किया जा रहा है। फरवरी में भारत ने अपने कुल कच्चे तेल आयात का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा रूस से आयात किया।

इसके अलावा एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने के लिए भारत ने अमेरिका के खाड़ी तट से भी आयात शुरू किया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने वर्ष 2026 के लिए अमेरिका से लगभग 2.2 मिलियन टन एलपीजी आयात का एक साल का अनुबंध किया है, ताकि देश में रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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