बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त, लेकिन गैस सिलेंडर की मांग से बढ़ा दबाव

बिलासपुर। देशभर में ईंधन को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। बिलासपुर में हालांकि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन अफवाहों और घबराहट के चलते गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे वितरण व्यवस्था पर दबाव महसूस किया जा रहा है।
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज मंगलवार काे साफ किया है कि, जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि, यदि किसी कारणवश सप्लाई अस्थायी रूप से बाधित भी हो जाए, तब भी जिले के पेट्रोल पंपों पर लगभग पांच दिन का पेट्रोल और साढ़े पांच दिन का डीजल उपलब्ध रहेगा।
प्रशासन के अनुसार, जिले में कुल 171 पेट्रोल पंप हैं, जहां वर्तमान में 1209 किलोलीटर पेट्रोल और 1429 किलोलीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।
रोजाना खपत की बात करें तो करीब 250 किलोलीटर पेट्रोल और 260 किलोलीटर डीजल की बिक्री हो रही है, जो सामान्य आपूर्ति से संतुलित बनी हुई है।
हालांकि हाल के दिनों में ईंधन की बिक्री में 5 से 7 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह बढ़ोतरी वास्तविक जरूरत के बजाय लोगों द्वारा अतिरिक्त स्टॉक करने के कारण हो रही है।
गैस सिलेंडर पर बढ़ा दबाव
स्थिति गैस सिलेंडर के मामले में कुछ अलग है। जिले में रोजाना करीब 9 हजार घरेलू सिलेंडर पहुंच रहे हैं, जबकि मांग बढ़कर 22 हजार तक पहुंच गई है। यानी लगभग 13 हजार सिलेंडरों की कमी का दबाव बना हुआ है।
कलेक्टर ने बताया कि, पिछले 6 से 9 महीनों से सिलेंडर नहीं लेने वाले उपभोक्ता भी अब एक साथ बुकिंग करा रहे हैं, जिससे मांग अचानक बढ़ गई है। सोमवार को तो ओपनिंग डिमांड 27 हजार सिलेंडर तक पहुंच गई।
जिले में कुल 4.30 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 1.90 लाख सामान्य और 2.40 लाख उज्ज्वला योजना के तहत हैं। उज्ज्वला उपभोक्ताओं की अचानक बढ़ी सक्रियता भी मांग बढ़ने का एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
आपूर्ति सामान्य, लेकिन अफवाहों से दबाव
कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि, पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। इससे कृत्रिम संकट की स्थिति बन रही है, जबकि वास्तविकता में कोई कमी नहीं है।
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दी गई है, ताकि व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों। वर्तमान में सिलेंडर मिलने में लगभग 25 दिन का समय लग रहा है, लेकिन मांग इसी तरह बनी रही तो यह अवधि और बढ़ सकती है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर खरीदें, अनावश्यक भंडारण से बचें और अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही वैकल्पिक संसाधनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।



