तनाव के बीच भी दिमाग रहेगा कूल, बस अपनी डाइट में शामिल करें ये विटामिन्स और मिनरल्स

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी ऑफिस का दबाव और घंटों स्क्रीन के सामने बैठने की मजबूरी ने हमारी मानसिक सेहत को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और लगातार थकान अब एक सामान्य समस्या बन गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका समाधान केवल आराम में नहीं बल्कि आपकी थाली में भी छिपा है। मेडिकल रिसर्च से यह स्पष्ट हो चुका है कि सही पोषण न केवल शरीर को बल्कि दिमाग को भी रिबूट करने की ताकत रखता है।
विटामिन B12
मानसिक स्वास्थ्य की बात आते ही विटामिन B12 सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है। यह हमारे नर्वस सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने और न्यूरोलॉजिकल डैमेज को रोकने में सहायक है। शरीर में इसकी कमी होने पर व्यक्ति अक्सर सुस्त महसूस करता है और उसकी एकाग्रता कम होने लगती है। लंबे समय तक इसकी कमी डिप्रेशन का कारण बन सकती है। डेयरी प्रोडक्ट्स, अंडे और मांस इसके मुख्य स्रोत हैं।
विटामिन-D और हैप्पी हार्मोन्स
अक्सर सनशाइन विटामिन कहा जाने वाला विटामिन-D केवल हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि मूड को स्थिर रखने के लिए भी अनिवार्य है। शोध बताते हैं कि शरीर में विटामिन-D का सही स्तर स्ट्रेस हार्मोन को कम करता है और हैप्पी हार्मोन्स के स्राव को बढ़ाता है। धूप में समय बिताने के अलावा दूध और दही के सेवन से इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है।
फोलेट और विटामिन-C
फोलेट (विटामिन B9) हमारे दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर को सक्रिय रखता है जिससे मस्तिष्क को सिग्नल भेजने और प्राप्त करने में आसानी होती है। वहीं विटामिन-C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से दिमाग की कोशिकाओं को बचाता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, नींबू और संतरा मानसिक थकान को कम करने के लिए सुपरफूड की तरह काम करते हैं।
विटामिन-E और मैग्नीशियम
दिमाग की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाने के लिए विटामिन-E की आवश्यकता होती है जो बादाम और सूरजमुखी के बीजों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही मैग्नीशियम मांसपेशियों और दिमाग को गहराई से रिलैक्स करने का काम करता है। पर्याप्त मैग्नीशियम लेने से नींद की गुणवत्ता सुधरती है और एंग्जायटी का स्तर काफी हद तक नियंत्रित रहता है।
मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना केवल योग या ध्यान तक सीमित नहीं है। एक संतुलित आहार जिसमें ये सभी विटामिन्स शामिल हों आपके दिमाग को लंबे समय तक सक्रिय और खुशहाल रख सकता है। यदि आप भी अक्सर मानसिक भारीपन महसूस करते हैं तो अपनी डाइट में इन बदलावों को आज ही शामिल करें।



