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एक माह में 135 मोबाइल बरामद, लगभग 20 लाख रुपये की संपत्ति नागरिकों को लौटाई गई

आपकी एक आस, आपकी अमानत आपके पास” बिलासपुर पुलिस द्वारा गुम मोबाइलों की रिकॉर्ड बरामदगी

वर्ष 2026 में अब तक 500 से अधिक गुम मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए
एसीसीयू टीम एवं जिले के समस्त थानों की संयुक्त सराहनीय कार्यवाही

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशनानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक श्री निमितेश सिंह तथा एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक श्री गोपाल सतपथी, उपनिरीक्षक हेमंत आदित्य, उपनिरीक्षक प्रभाकर तिवारी एवं उपनिरीक्षक कमलेश बंजारे के कुशल मार्गदर्शन में जिले में गुम/चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी हेतु विशेष अभियान “अर्पण” संचालित किया गया।

जिले के विभिन्न थानों एवं एसीसीयू बिलासपुर में प्राप्त मोबाइल गुम होने संबंधी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा एसीसीयू एवं समस्त थाना प्रभारियों को प्रार्थियों की सूची तैयार कर तकनीकी विश्लेषण एवं फील्ड सूचना के आधार पर विशेष खोजबीन अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया गया।

उक्त निर्देशों के पालन में एसीसीयू टीम एवं जिले के सभी थानों की सीसीटीएनएस टीम द्वारा सतत प्रयास करते हुए बिलासपुर शहर सहित आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों में सक्रिय मोबाइल उपयोगकर्ताओं का पता लगाकर कुल 135 नग मोबाइल एक माह के भीतर बरामद किये गये, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। कई मोबाइल अन्य राज्यों एवं दूरस्थ जिलों में सक्रिय पाए गए, जिनकी बरामदगी हेतु पृथक कार्यवाही निरंतर जारी है।

इस सराहनीय कार्य में एसीसीयू की तकनीकी टीम के आरक्षक राघवेन्द्र कुमार साहू, प्रदीप कुमार श्रीवास, विकास राम, शंकुनतला साहू, प्रशांत कुमार राठौर, नवीन एक्का, गोविंद शर्मा एवं सतीश भारद्वाज की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने लगन, दक्षता एवं तकनीकी कौशल से उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।

आज दिनांक 10.04.2026 को उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा स्वयं अपने करकमलों से उक्त बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया गया। इस अवसर पर लगभग 200 नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने बिलासपुर पुलिस की त्वरित कार्यवाही एवं जनसेवा भावना की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

साइबर जागरूकता कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन श्री निमितेश सिंह एवं एसीसीयू टीम द्वारा आम नागरिकों को वर्तमान में प्रचलित साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से –

डिजिटल अरेस्ट
सेक्सटॉर्शन (वीडियो कॉलिंग के माध्यम से)
व्हाट्सएप डीपी बदलकर ठगी
बिटकॉइन/इन्वेस्टमेंट फ्रॉड
टूरिज्म प्लान के नाम पर ठगी
कस्टमर केयर फ्रॉड
ऑनलाइन लोन एप ठगी

आदि के संबंध में जानकारी एवं बचाव के उपाय साझा किए गए।

बिलासपुर पुलिस की प्रतिबद्धता

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा बताया गया कि बिलासपुर पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा, विश्वास एवं सेवा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक एवं सतत निगरानी के माध्यम से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है तथा नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अपील

सभी नागरिकों से अपील है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें एवं सतर्क एवं जागरूक रहें।

बिलासपुर पुलिस द्वारा प्रत्येक माह लगभग 100 मोबाइल विभिन्न राज्यों एवं जिलों से खोजकर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए जा रहे हैं। “अर्पण” अभियान इसी जनसेवा की कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बिलासपुर पुलिस – “आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प”

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