स्वच्छता ही सेवाः जनजागरूकता और जनभागीदारी से स्वच्छता अभियान को मिल रही नई दिशा


जिले में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड मनेन्द्रगढ़ की ग्राम पंचायत सिरियाखोह के स्वच्छता ग्राहियों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देते हुए पुनर्चक्रण योग्य कचरे का संग्रहण एवं विक्रय किया तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का सराहनीय कार्य किया।
स्वच्छता ग्राहियों द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई चनवारीडांड को 20 किलोग्राम रंगीन पन्नी, 14 किलोग्राम सफेद पन्नी एवं 14 किलोग्राम प्लास्टिक बोतल सहित कुल 48 किलोग्राम सूखा कचरा विक्रय किया गया। इसके साथ ही घर-घर जाकर ग्रामीणों को सड़क, नालियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं फेंकने, घरों एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा कचरे का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अभियान की सफलता में क्लस्टर समन्वयक श्रीमती प्रभा प्यासी का विशेष योगदान रहा। उनके अथक प्रयासों, सतत मार्गदर्शन एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की प्रतिबद्धता से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने स्वच्छता ग्राहियों के साथ मिलकर लोगों को स्वच्छ वातावरण के महत्व से अवगत कराया तथा कचरा पृथक्करण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की उपयोगिता समझाई।
अभियान के दौरान सरपंचों एवं सचिवों ने भी ग्रामीणों से गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने, घरों से निकलने वाले कचरे को स्वच्छता ग्राहियों को सौंपने तथा सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और बेहतर भविष्य की आधारशिला है। जिला प्रशासन ने जिले वासियों से आग्रह किया है कि वे अपने घर, मोहल्ले और गांव को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। सड़क, नाली, तालाब एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
जनसहभागिता और जागरूकता से ही स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर जिले का सपना साकार किया जा सकता है। “स्वच्छता अपनाएं, कचरा न फैलाएं और स्वच्छ एमसीबी के निर्माण में अपना योगदान दें” इसी संदेश के साथ जिले में स्वच्छता जागरूकता अभियान निरंतर जारी है।



