कोलकाता के तारातला में बड़ा हादसा: मलबे से 4 और शव निकाले गए, मौतों का आंकड़ा बढ़कर 13 हुआ, युद्ध स्तर पर रेस्क्यू जारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को हुए भीषण गोदाम हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर अब 13 हो गई है। मलबे को हटाने के दौरान बचाव दलों ने 4 और शव बाहर निकाले हैं, जिससे इलाके में कोहराम मच गया है। पांच मंजिला निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने के बाद से ही राहत और बचाव की टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ और मजदूर दबे हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सेना, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और कोलकाता पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।
गंभीर रूप से घायल मजदूर अस्पताल में भर्ती, स्निफर डॉग की ली जा रही मदद
इस दर्दनाक हादसे में घायल हुए 20 से ज्यादा मजदूरों का इलाज अभी भी एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। भारी कंक्रीट और लोहे के मुड़े हुए बीम को हटाने के लिए प्रशासन ने 50 टन की क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेन और कई अन्य क्रेनें काम पर लगाई हैं। मलबे के ढेर के नीचे दबे संभावित जीवित लोगों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग यानी विशेष खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। अंधेरे और भारी मलबे के कारण बचाव काम में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए रातभर बड़े जेनरेटर और लाइटों का इंतजाम किया गया था। फंसे हुए लोगों तक पाइप की मदद से ऑक्सीजन और पानी पहुंचाने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं।
कमजोर ढांचे के लिए केएमसी जिम्मेदार, 5 आरोपियों की कोर्ट में होगी पेशी
हादसे की शुरुआती जांच में कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के इंजीनियरों ने इस पूरे निर्माण कार्य को ही दोषपूर्ण और नियमों के खिलाफ बताया है। लगभग 20 हजार वर्ग फुट में फैले इस विशाल गोदाम के भीतर कोई मजबूत सपोर्टिंग दीवार या अलग कमरे नहीं बनाए गए थे, जिसके कारण ऊपरी छत का पूरा भारी वजन लोहे के बीम सहन नहीं कर पाए और पूरी संरचना ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पुलिस ने इस बड़ी लापरवाही के मामले में गोदाम के मालिक शंभु बेहरा, सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार और लेबर सप्लायर सुभाष चौधरी समेत 5 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।



