जुनवानी हत्याकांड में नया मोड़, पीड़ित परिवार ने CBI जांच और नार्कोटेस्ट की उठाई मांग

सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले के जुनवानी नवापारा में किसान तुलसीदास टंडन की हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की सीबीआई जांच और नार्कोटेस्ट की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या किसी एक व्यक्ति का कृत्य नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
परिवार का कहना है कि भटगांव थाना पुलिस ने मामले में 66 वर्षीय एक बुजुर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन वास्तविक साजिशकर्ताओं को बचाया जा रहा है। उनका आरोप है कि मुख्य आरोपी के बेटों की भी इस हत्या में भूमिका है, लेकिन पुलिस ने उनसे पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया।
परिजनों ने सवाल उठाया कि मृतक तुलसीदास टंडन शारीरिक रूप से स्वस्थ और मजबूत थे, ऐसे में चलने-फिरने में असमर्थ एक बुजुर्ग अकेले इस वारदात को अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष के बेटों को बचाने के लिए पैसों के लेन-देन की बात सामने आई है और भटगांव पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
मामले को लेकर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच के साथ-साथ नार्कोटेस्ट की भी अपील की।
इस संबंध में जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच का निर्णय जिला स्तर पर नहीं लिया जा सकता, लेकिन यदि मजिस्ट्रेट के आदेश प्राप्त होते हैं तो नियमानुसार नार्कोटेस्ट कराया जायेगा।
एसपी ने यह भी बताया कि थाना प्रभारी को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या इस बहुचर्चित हत्याकांड में नए तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित परिवार की आशंकाओं की पुष्टि होती है या नहीं।



