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दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़, बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का दिया आदेश

छह साल पहले हुई दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर जांच के घेरे में आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया। कोर्ट ने CBI को एफआईआर दर्ज करने और एक वरिष्ठ व अनुभवी अधिकारी से जांच कराने को कहा है। हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि जांच में पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा।

यह आदेश दिशा के पिता सतीश सालियान की याचिका पर आया है। उन्होंने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए नए सिरे से जांच की मांग की थी। उनकी याचिका में पुलिस जांच में कथित लापरवाही का भी मुद्दा उठाया गया था।

हाईकोर्ट ने CBI को क्या निर्देश दिए

जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस रंजीतसिंहा भोंसले की पीठ ने CBI को जांच के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। CBI को दिशा के पिता का बयान भी दर्ज करना होगा और मामले में एफआईआर दर्ज करनी होगी। मुंबई पुलिस को केस से जुड़े दस्तावेज CBI को सौंपने का निर्देश भी दिया गया है।

कोर्ट ने जांच के दायरे को दिशा की मौत से जुड़ी सभी परिस्थितियों तक रखने को कहा है। अगर जांच में संज्ञेय अपराध बनता है, तो CBI को आगे की कानूनी कार्रवाई करनी होगी। अगर ऐसा कुछ नहीं मिलता, तो जांच अधिकारी को सक्षम अदालत के सामने उचित तरीके से मामला बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

बिना पर्याप्त सबूत किसी को आरोपी नहीं बनाया जाएगा

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में एक अहम बात साफ की है। कोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने से पहले किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा।

यानी CBI को पहले पूरे मामले की जांच करनी होगी। जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त आधार और उचित संदेह पैदा करने वाली सामग्री मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

पिता ने पुलिस जांच पर क्या सवाल उठाए

सतीश सालियान की ओर से कोर्ट में पुलिस जांच को लेकर कई सवाल उठाए गए। उनके वकील ने कहा कि दिशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिवार को समय पर नहीं दी गई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई और परिवार की ओर से बताए गए लोगों के खिलाफ उचित जांच नहीं की गई।

सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि मामला लंबे समय तक एक्सिडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी ADR के आधार पर क्यों चलता रहा। हाईकोर्ट ने पहले भी पुलिस से पूछा था कि जब परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया था, तो एफआईआर दर्ज करने में क्या दिक्कत थी।

दिशा के पिता ने मौत को लेकर क्या दावा किया

सतीश सालियान ने अपनी याचिका में बेटी की मौत को दुर्घटना या आत्महत्या मानने पर सवाल उठाया है। उन्होंने अपनी बेटी के साथ गंभीर अपराध होने और फिर उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।

यह उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं। इन आरोपों की पुष्टि अदालत ने नहीं की है। अब CBI जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच में कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है या नहीं।

आदित्य ठाकरे का नाम भी याचिका में उठा

मामले की सुनवाई में तीन पक्ष सामने थे। इनमें दिशा सालियान के पिता, महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस तथा शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का पक्ष शामिल था।

दिशा के पिता की ओर से आदित्य ठाकरे के खिलाफ भी जांच की मांग की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पर्याप्त सामग्री के बिना किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता।

8 जून 2020 को हुई थी दिशा सालियान की मौत

दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी मौत के कुछ दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी।

मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में दिशा की मौत को दुर्घटनावश हुई मौत के तौर पर दर्ज किया गया था। बाद में मामले को लेकर उठे सवालों और शिकायतों के बीच जांच को लेकर विवाद जारी रहा। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI इसकी नए सिरे से जांच करेगी।

अब आगे क्या होगा

CBI मामले में एफआईआर दर्ज करेगी। एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी जांच की जिम्मेदारी संभालेंगे। दिशा के पिता का बयान दर्ज किया जाएगा और मुंबई पुलिस से केस के दस्तावेज लिए जाएंगे।

जांच के दौरान अगर पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी। अगर कोई संज्ञेय अपराध सामने नहीं आता, तो CBI को सक्षम अदालत के सामने मामला बंद करने की प्रक्रिया अपनानी होगी।

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