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NHAI टोल फर्जीवाड़े पर ED की बड़ी कार्रवाई, 7 राज्यों में 14 ठिकानों पर छापेमारी

ED की लखनऊ जोनल टीम की अगुवाई में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जुड़े परिसरों की तलाशी ली जा रही है।

फर्जी टोल रसीदों के जरिए रकम में हेराफेरी का आरोप

जांच एजेंसी को इस मामले में अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जुड़े इनपुट मिले थे। आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी टोल रसीदें तैयार की जा रही थीं। इसके अलावा टोल से जमा होने वाली रकम का एक हिस्सा NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर भेजे जाने का भी आरोप है।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस तरीके से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। ED अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ने में जुटी है।

NHAI रिकॉर्ड में भी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सामने आया

फॉरेंसिक जांच और NHAI से मिले रिकॉर्ड में कथित तौर पर ऐसे सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। छापेमारी के दौरान ED की टीम डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

जांच में बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित घोटाले से हासिल रकम आखिर किन लोगों तक पहुंची।

टोल संचालकों और IT कर्मचारियों पर भी जांच

जांच एजेंसी के मुताबिक इस कथित नेटवर्क में टोल संचालकों और IT से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि अवैध तरीके से जुटाई गई रकम को अलग-अलग लोगों के बीच बांटा जाता था।

इसके अलावा फर्जी FASTag के जरिए ओवरलोडेड और कमर्शियल वाहनों को टोल व्यवस्था से निकालने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। इस मामले में UP STF और दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसियां भी कई टोल संचालकों पर नजर रख रही हैं।

कथित मास्टरमाइंड आलोक सिंह गिरफ्तार

इस मामले में वाराणसी से कथित मास्टरमाइंड आलोक सिंह की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। आरोप है कि वह वाराणसी के हरहुआ इलाके से कथित अवैध नेटवर्क चला रहा था।

वहीं वाराणसी के लाला नगर टोल प्लाजा से जुड़े करीब 62.87 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी के मामले की भी जांच चल रही है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए देशभर के 200 से ज्यादा टोल प्लाजा की जांच की जा रही है। इनमें करीब 100 टोल प्लाजा उत्तर प्रदेश में बताए जा रहे हैं।

पिछले महीने भी हुई थी कार्रवाई

टोल प्लाजा पर कथित फर्जी टोल वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED इससे पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। पिछले महीने PMLA की धारा 17 के तहत 14 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी।

अब एक बार फिर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता में कार्रवाई से जांच का दायरा और बढ़ गया है। ED की मौजूदा छापेमारी में डिजिटल सबूतों, बैंक लेन-देन और कथित मनी ट्रेल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है

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