जमुई छेड़खानी मामले में 3 नाबालिग निरुद्ध

महिला एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT गठित
एडीजी ने बताया कि मामले की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व महिला एसडीपीओ दीप्ति मोनाली कर रही हैं। टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों और अन्य तथ्यों को जुटा रही है।
मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी
पुलिस मुख्यालय ने मामले का स्पीडी ट्रायल कराने की बात कही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस मामले में शामिल लोगों की पहचान, गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने पर है।
आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया से हटवाया
घटना से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। फेसबुक और एक्स समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से वीडियो को टेकडाउन कराया गया है। पुलिस ने वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए भी कदम उठाए हैं।
नाबालिग का चेहरा दिखाने वालों पर भी कार्रवाई
एडीजी विधि व्यवस्था के अनुसार, जिन लोगों या वेबसाइटों ने नाबालिग का चेहरा दिखाते हुए आपत्तिजनक वीडियो चलाया या प्रसारित किया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
दो युवकों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, मामले में तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। दो अन्य युवकों की पहचान हुई है। उनकी तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुई प्राथमिकी
नाबालिग से जुड़े इस मामले में पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। SIT घटना से जुड़े साक्ष्यों, उपलब्ध वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस मुख्यालय ने मामले में त्वरित कार्रवाई और समयबद्ध जांच पर जोर दिया है।



