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गरबा प्रवेश पर बढ़ा बवाल: महाराष्ट्र के बाद एमपी में उठी मांग

पंडालों में पंचद्रव्य से अभिषेक और औचक निरीक्षण का फैसला

भोपाल में साधु-संत सन्यासी परिषद और हिंदू उत्सव समिति की हुई बैठक में हिंदूवादी संगठनों ने स्पष्ट किया कि जो लोग मूर्ति पूजा को नहीं मानते, उन्हें गरबा आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए। बैठक में तय हुआ कि गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले दुर्गा पूजन के साथ-साथ पंचद्रव्य से अभिषेक भी कराया जाएगा। साधु-संतों ने निर्णय लिया है कि गरबा पंडालों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन होगा जो विजिलेंस की तर्ज पर औचक निरीक्षण करेंगी। यदि किसी भी प्रकार की अश्लीलता या विधर्मियों की उपस्थिति पाई गई, तो तुरंत पुलिस-प्रशासन को बुलाकर मौके पर कार्रवाई की जाएगी।

‘सनातन धर्म स्वीकार करो’, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का कड़ा बयान

गरबा आयोजनों पर चल रहे विवाद के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि गैर-हिंदुओं को हिंदू धर्म से इतना लगाव है, तो उन्हें सनातन धर्म को स्वीकार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रहीम और रसखान के मन में जिस तरह कन्हैया बसे थे, वैसे ही वे भी राम, कृष्ण, महावीर और गौतम बुद्ध को अपने मन में बसाएं। विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि गरबा को तमाशा बनाने और लव जिहाद की नौटंकी करने वालों के खिलाफ भारत का नौजवान प्रतिकार के लिए तैयार है, जो जगदंबा से आशीर्वाद लेकर ऐसी ताकतों का मुकाबला करेगा।

‘जहाँ विवाद हो वहाँ न जाएं’, कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना

विवाद पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अब्बास हाफिज ने कहा कि सभी लोगों को अपने-अपने आयोजनों में ही भाग लेना चाहिए और जहाँ विवाद की स्थिति बने, वहाँ जाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा, हिंदूवादी संगठनों और आरएसएस पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता ने विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान को घटिया मानसिकता का उदाहरण बताया। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में साधु संत सन्यासी परिषद के अध्यक्ष महंत अनिलानंद महाराज और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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