Kolkata ED Raid: MassArt से जुड़े 15 ठिकानों पर ED की छापेमारी, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े परिसर भी शामिल

ED की यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) की धारा 17 के तहत की गई है। जांच एजेंसी MassArt से जुड़े वित्तीय लेनदेन और दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के नाम पर जुटाए गए फंड से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो से जुड़ा है मामला
जांच एजेंसी के अनुसार, MassArt पर आरोप है कि दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो आयोजित करने के नाम पर लोगों से रकम जुटाई गई। ED अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फंड का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या इसमें कोई वित्तीय अनियमितता हुई।
इससे पहले भी MassArt और UNESCO के नाम के इस्तेमाल को लेकर शिकायत सामने आ चुकी है। जून 2026 में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। शिकायत में UNESCO से कथित संबंध बताकर दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के लिए टिकट बेचने के आरोप लगाए गए थे।
UNESCO के नाम और लोगो के इस्तेमाल का आरोप
मामले में शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि MassArt ने UNESCO से आधिकारिक जुड़ाव होने का दावा किया और इसी आधार पर लोगों से पैसे लिए। शिकायत में यह भी कहा गया था कि संस्था ने कोलकाता के कुछ दुर्गा पूजा पंडालों के प्रीव्यू के लिए टिकट बेचे।
हालांकि, इन आरोपों पर MassArt से जुड़े एक अधिकारी ने इन्हें गलत बताया था और कहा था कि संस्था के पास संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। इंद्रनील सेन ने भी पहले आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी पत्नी संस्था से व्यक्तिगत क्षमता में जुड़ी हैं और संस्था के पास UNESCO से संबंधित मंजूरी होने की जानकारी उन्हें दस्तावेजों से मिली है।
15 ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच
ED की टीम कार्रवाई के दौरान संबंधित परिसरों में दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और दूसरे रिकॉर्ड की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि MassArt से जुड़े फंड का लेनदेन किस तरह हुआ और इसमें किसी तरह की मनी लॉन्ड्रिंग हुई या नहीं।
फिलहाल तलाशी और जांच की प्रक्रिया जारी है। ED के अधिकारियों की ओर से बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पहले MBECL से जुड़े परिसरों पर भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले 23 सितंबर को ED ने McNally Bharat Engineering Company Limited (MBECL) और उससे जुड़ी संस्थाओं के कुछ आधिकारिक और आवासीय परिसरों पर भी तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार, उस कार्रवाई में विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून से जुड़े कथित उल्लंघनों और कंपनी के कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई थी।
ED के मुताबिक, जांच में करीब 6,828 करोड़ रुपए के दावों और करीब 5,015 करोड़ रुपए के स्वीकार किए गए दावों से जुड़े रिकॉर्ड सामने आए थे, जबकि समाधान योजना करीब 441 करोड़ रुपए की बताई गई थी। यह कार्रवाई MassArt मामले से अलग जांच का हिस्सा है।



