भूपेश बघेल का BJP पर हमला- इन्हें छत्तीसगढ़ियों से प्रेम नहीं, खदानों से मतलब: राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ महतारी के अपमान पर घेरा; बोले- चुनाव के समय ही याद आती है

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी के अपमान के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को न छत्तीसगढ़ से प्रेम है और न ही यहां के लोगों से कोई लगाव।
उसे सिर्फ प्रदेश की खदानों से मतलब है। रायपुर लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राज्योत्सव, महादेव सट्टा ऐप मामले और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
बघेल ने कहा कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाई गई थी, लेकिन सरकार बनने के बाद प्रदेश की अस्मिता और पहचान से जुड़े प्रतीकों का सम्मान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा प्रदेश के खनिज संसाधनों को लेकर है।
महादेव सट्टा मामले में एजेंसियों पर उठाए सवाल
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और रिमांड को लेकर बघेल ने कहा कि सौरभ पहले से ओमान की जेल में था। भारतीय एजेंसियां उसे वहां से लेकर आई हैं।
उन्होंने जांच एजेंसियों से सवाल किया कि महादेव सट्टा ऐप का असली मालिक कौन है? शुभम सोनी या सौरभ चंद्राकर? बघेल ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान 2022 में इस मामले में 72 FIR दर्ज की गई थीं और आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने के लिए केंद्र को पत्र भी लिखा गया था।
अमित शाह के दौरे और राज्योत्सव पर भी तंज
बघेल ने अमित शाह के दौरे को लेकर कहा कि सौरभ चंद्राकर को एजेंसियों ने खोजकर नहीं पकड़ा, बल्कि प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाया गया है।
वहीं, राज्योत्सव में सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति के आदेश पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को गृह मंत्री के सामने भीड़ दिखानी है, इसलिए कर्मचारियों और राशन दुकानदारों को लोगों के साथ आने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जनता की कम भागीदारी का संकेत बताया।



