पिछले साल नवंबर में पलक्कड़ उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे राहुल ममकूटथिल का राजनीतिक ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर चढ़ा था, उतनी ही तेजी से इन आपराधिक मामलों ने उनके करियर पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस से निष्कासित और पलक्कड़ से विधायक राहुल ममकूटथिल को रविवार तड़के पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उनके खिलाफ बलात्कार के तीसरे गंभीर मामले में की गई है। पुलिस ने उन्हें पलक्कड़ के एक होटल से रात करीब 1 बजे हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए पथनमथिट्टा जिले के पुलिस कैंप ले जाया गया। राहुल ममकूटथिल के खिलाफ ताजा मामला पथनमथिट्टा की एक महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ है, जो वर्तमान में कनाडा में रहती है।
महिला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना बयान दर्ज कराया। उसने आरोप लगाया कि ममकूटथिल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के अनुसार, जब महिला गर्भवती हुई तो विधायक ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और उसे गर्भपात कराने के लिए धमकाया। साथ ही, विधायक पर महिला से कई बार पैसे लेने का भी आरोप है।
दो पिछले मामलों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को ही इस तीसरे मामले की जांच सौंपी गई है। एसआईटी प्रमुख जी. पूंगुझाली पूछताछ का नेतृत्व कर रही हैं।
पहला मामला: मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को मिली एक शिकायत के बाद दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस के पास एक ऑडियो क्लिप भी है, जिसमें कथित तौर पर ममकूटथिल को गर्भपात के लिए दबाव बनाते सुना जा सकता है।
दूसरा मामला: क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया था, जिसमें एक 23 वर्षीय युवती ने विधायक को “यौन शिकारी” बताते हुए शोषण का आरोप लगाया था।
आरोपों की गंभीरता और बढ़ते कानूनी दबाव को देखते हुए कांग्रेस ने राहुल ममकूटथिल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ ने इसकी घोषणा की। ममकूटथिल ने पहले ही यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था जब अभिनेत्री ऋणी एन जॉर्ज ने उन पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। उनकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पलक्कड़ में माकपा की युवा शाखा (DYFI) के कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर जश्न मनाया।
ममकूटथिल की गिरफ्तारी ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक युद्ध छेड़ दिया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ए. थंकप्पन ने कहा कि ममकूटथिल का अब पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। विधायक पद से इस्तीफा देना उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा। वहीं, भाजपे का वरिष्ठ नेता पी.के. कृष्णदास ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अब भी ममकूटथिल को बचा रही है और पार्टी ने अभी तक उनके इस्तीफे की मांग नहीं की है।
केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा कि विधायक के खिलाफ दर्जनों शिकायतें हैं और कानून अपना काम निष्पक्षता से कर रहा है।
पिछले साल नवंबर में पलक्कड़ उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे राहुल ममकूटथिल का राजनीतिक ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर चढ़ा था, उतनी ही तेजी से इन आपराधिक मामलों ने उनके करियर पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं। उन्हें आज ही अदालत में पेश किया जाएगा।