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बस हादसा:  जिले के लोगों की मौत के बाद पिपरसोत सहित कई गांवों में मातम

राहत की बात यह है कि घायलों में से 26 लोगों का इलाज वर्तमान में बलरामपुर जिला चिकित्सालय में जारी है, जहां अधिकांश की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस हादसे के बाद जिले के पिपरसोत, महराजगंज, आमदनंदा सहित कई गांवों में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले से लगभग 85 यात्री एक यात्री बस से झारखंड के लातेहार जिले के लोध गांव में आयोजित सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान महुआडांड़ थाना क्षेत्र स्थित ओरसा घाटी के तीखे मोड़ और खतरनाक ढलान पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई।

दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बस में सवार लगभग सभी यात्री घायल हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में शुरुआत में बलरामपुर जिले के पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल अन्य यात्रियों को तत्काल लातेहार, गुमला, रांची और अंबिकापुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

इलाज के दौरान अलग-अलग अस्पतालों में पांच और घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर दस हो गई। मृतकों में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग शामिल हैं, जिससे पूरे जिले में शोक की लहर और गहरी हो गई है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दुबे के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। बस में फंसे यात्रियों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और एंबुलेंस व स्थानीय वाहनों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल बलरामपुर के सिविल सर्जन डॉ. शशांक कुमार ने बताया कि वर्तमान में 25 घायलों का इलाज बलरामपुर जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है। जबकि एक महिला की हालात गंभीर बताई जा रही है, जिसे अंबिकापुर रेफर किया गया है।

वहीं अंबिकापुर में 25 लाेंगाें का इलाज जारी है इनमें श्यामलाल नायक (45 वर्ष, टांगरनहरी), चंपा नायक (35 वर्ष, पिपरसोत), ज्वारों (60 वर्ष, पिपरसोत), उर्मिला सोनवानी (महराजगंज), रघुनाथ सोनवानी (40 वर्ष, महराजगंज), धर्मराज (19 वर्ष, पिपरसोत), सुंदर मौर्य (35 वर्ष, महराजगंज), रूपकुमार (40 वर्ष, महराजगंज), ध्रुवपति (50 वर्ष, पिपरसोत), सांवी (ढाई वर्ष, आमदनंदा), तेजन (26 वर्ष, आमदनंदा), शशि नायक (17 वर्ष, पिपरसोत), गणेशवती (40 वर्ष, पिपरसोत).

अंश नायक (3 वर्ष, पिपरसोत), कालीचरण (21 वर्ष, पिपरसोत), शीतल प्रसाद (60 वर्ष, पिपरसोत), सोनू (17 वर्ष, पिपरसोत), सचिन (12 वर्ष, पिपरसोत), जयकुमारी (45 वर्ष), श्यामू (87 वर्ष, पिपरसोत), प्रकाश राम (35 वर्ष, पिपरसोत), धुरो (45 वर्ष, भिताही), मीणा नायक (24 वर्ष, तातापानी), रूबी नायक (15 वर्ष) और विकास (14 वर्ष, पिपरसोत) शामिल हैं।

वहीं खुलासों देवी (48 वर्ष, पिपरसोत) की हालत गंभीर होने पर उन्हें मल्टीपल रिब फ्रैक्चर के कारण बेहतर इलाज हेतु अंबिकापुर रेफर किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार शेष घायलों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं और सभी की स्थिति सामान्य है।

हादसे में घायल कुल 60 से अधिक यात्रियों में से 32 को गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज लातेहार, गुमला और आसपास के अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया जा रहा है।

हादसे में जान गंवाने वाले सभी दस मृतक बलरामपुर जिले के निवासी हैं। इनमें सीतापति देवी (पिपरसोत), प्रेमा देवी, रेशन्ती चेरवा, सूखना भुइयां, विजय नगेसिया और सोनमती शामिल हैं।

वहीं इलाज के दौरान लीलावती सोनवानी, निवासी महराजगंज की लातेहार अस्पताल में, रमेश मणिका की गुमला चिकित्सालय में, फगुआ राम की गुमला जिला चिकित्सालय में तथा परशु राम सोनवानी, निवासी पुराना कलेक्ट्रेट के बगल, बलरामपुर की मिशन अस्पताल अंबिकापुर में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मृतकों की सूची सामरीपाठ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

घटना की खबर मिलते ही बलरामपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। प्रभावित गांवों में चूल्हे नहीं जले और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

बस हादसे में घायल पिपरसोत निवासी सुशील कुमार ने कांपती आवाज़ में आपबीती सुनाते हुए बताया कि हम सभी लोग लोध गांव में आयोजित एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। बस में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में सवार थे। जैसे ही बस ओरसा घाटी के खतरनाक ढलान पर पहुंची, अचानक ब्रेक फेल हो गया और बस तेज़ी से नीचे की ओर फिसलने लगी। ड्राइवर ने बस को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन ढलान और तीखे मोड़ के कारण बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई।

उन्होंने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। पल भर में बस पलट गई और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े, बच्चे रोने लगे और कई लोग बस के नीचे दब गए। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। सुशील कुमार ने बताया कि बस में करीब 80 से 90 यात्री सवार थे और लगभग सभी लोग घायल हो गए। कई लोगों को गंभीर चोटें आईं और कुछ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि अगर समय पर स्थानीय ग्रामीण मदद के लिए नहीं पहुंचते, तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी। आज भी हादसे की भयावह तस्वीरें आंखों के सामने घूम रही हैं और दिल दहल उठता है।

कैबिनेट मंत्री नेताम ने कहा कि बलरामपुर जिले के गंभीर रूप से घायल यात्रियों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने मां महामाया से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

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