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17 साल का ‘अजेय रिकॉर्ड’ कायम रखने उतरेगी टीम इंडिया, आज खेला जाएगा निर्णायक मुकाबला

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की रोमांचक टी-20 सीरीज का अंतिम और निर्णायक मुकाबला आज शनिवार को खेला जाएगा। सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम इंडिया पहले ही 2-1 की अजेय बढ़त बना चुकी है और अब उसकी निगाहें सीरीज को मजबूती से 3-1 से समाप्त करने पर टिकी हैं।

यह जीत न सिर्फ सीरीज की ट्रॉफी दिलाएगी, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 17 साल पुराने अपराजित रिकॉर्ड को भी बरकरार रखेगी, जिसे भारतीय टीम ने एक भी सीरीज न हारकर बनाया है।
भारत के टॉप आर्डर पर नजर

इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम का मुख्य ध्यान शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी में स्थिरता लाने पर होगा। खासकर, फैंस की नजरें शुभमन गिल और कप्तान सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी पर होंगी। गिल ने चौथे टी-20 में 46 रन की पारी खेलकर फॉर्म में लौटने के संकेत दिए हैं, लेकिन सात पारियों से अर्धशतक नहीं बना पाए इस बल्लेबाज से एक बड़ी और निर्णायक पारी की उम्मीद है। वहीं, कप्तान सूर्यकुमार भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में विफल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले इन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों को लय हासिल करना बेहद जरूरी है।

इसके अलावा, तिलक वर्मा और विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा पर भी प्रदर्शन सुधारने का दबाव रहेगा। संजू सैमसन की जगह टीम में आए जितेश अब तक कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं, जबकि तिलक वर्मा भी इस श्रृंखला में अपनी लय नहीं पकड़ पाए हैं। हालांकि, अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से शीर्ष क्रम को काफी मजबूती दी है।
गेंदबाजी और हरफनमौला प्रदर्शन से फर्क

गेंदबाजी विभाग में भारत की ताकत साफ नजर आई है। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की तेज गेंदबाजी जोड़ी ने पावरप्ले में लगातार विकेट निकालकर टीम को मजबूत शुरुआत दी है। स्पिन तिकड़ी- वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने चौथे टी-20 में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी, जहां इन तीनों ने मिलकर 10 ओवरों में छह विकेट हासिल किए। निचले क्रम में अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर का तेजी से रन जोड़ना भी टीम के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट रहा है।
अक्षर पटेल का बढ़ा है आत्मविश्वास

चौथे टी20 में अपने हरफनमौला खेल से टीम को जीत दिलाने वाले अक्षर पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय पिछली गलतियों से सीखने को दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब बाउंड्री के आकार को अपने शॉट चयन पर हावी नहीं होने दिया, जिससे उन्हें जोखिम उठाने में मदद मिली। अक्षर ने कहा कि वह जानते थे कि उन्हें आखिरी ओवर तक क्रीज पर डटे रहना है, क्योंकि उनके बाद कोई बल्लेबाज नहीं था। यह आत्मविश्वास टीम इंडिया के लिए एक अच्छा संकेत है।
ऑस्ट्रेलिया के सामने नई चुनौती

दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैच में भारत की स्पिन चुनौती का डटकर सामना करना चाहेगी। उनकी बल्लेबाजी मिशेल मार्श, मार्कस स्टोइनिस और टिम डेविड जैसे खिलाड़ियों पर अत्यधिक निर्भर रही है। ट्रेविस हेड की अनुपस्थिति ने पिछले मैच में उनकी बल्लेबाजी को कमजोर किया, जबकि मैथ्यू शार्ट निचले क्रम में प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति भी टीम को भारी पड़ रही है। नाथन एलिस और एडम जांपा ने मेहनत की है, लेकिन बाकी गेंदबाज उतने प्रभावी नहीं रहे हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया माहली बीयर्डमैन को पदार्पण का मौका दे सकती है।

इस मैच में एक और जीत न केवल सूर्यकुमार की कप्तानी वाली टीम के लिए सीरीज को मजबूती से समाप्त करेगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि ‘भारत की नई पीढ़ी अब विदेशी धरती पर भी दबदबा कायम करने लगी है,’ जो अगले साल के टी-20 विश्व कप से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।

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