अकबर ने जोगी, रमन और भूपेश के कामों को सराहा, SIR पर उठाए सवाल?

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रदेश में मतदाता सूची से भारी संख्या में नाम काटे जाने को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने पूछा है कि जब प्रदेश की आबादी लगातार बढ़ रही है, तो एसआईआर (SIR) के माध्यम से 24 लाख 99 हजार मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आधार क्या है?
उन्होंने चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच हार-जीत का अंतर महज 6 लाख 32 हजार (4.04%) वोटों का था। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम कटना चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
राज्य के विकास में पूर्व मुख्यमंत्रियों, अजीत जोगी, डॉ. रमन सिंह और भूपेश बघेल, के योगदान की सराहना करते हुए अकबर ने कहा कि आज प्रदेश का सबसे बड़ा मुद्दा लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि हर पात्र नागरिक के वोट देने के अधिकार को सुनिश्चित करने का संघर्ष है, ताकि कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।



