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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले-जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा कस के लात…

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (Union Minister ) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने शुक्रवार को नागपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (Labor Day) के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की. उन्होंने अपने संबोधन के दौरान जाति और धर्म (caste) के आधार पर राजनीति करने वालों पर भी निशाना साधा. गडकरी ने कहा, ‘आजकल कई लोग जात-पात और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश करते हैं, लेकिन मैं इस राजनीति में विश्वास नहीं करता. जातिगत राजनीति से देश का भला नहीं हो सकता.’

नितिन गडकरी ने अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज में कहा, ‘जिस भाव में गैस, पेट्रोल और डीजल हिंदू को मिलता है, उसी भाव में मुस्लिम को भी मिलता है. इससे साफ है कि विकास और सुविधाओं में किसी तरह का भेदभाव नहीं है. जात-पात की बात करके कुछ हासिल नहीं होता. मैंने कई ऐसे नेताओं को देखा है जो मंच से जाति की बात करते हैं और नारे लगाते हैं, लेकिन जब वे निजी तौर पर मिलते हैं तो अपने बेटे या पत्नी के लिए टिकट मांगते हैं. ऐसे ढोंगी नेताओं को जनता पहचान चुकी है. जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा कस के लात.’

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वह हमेशा खुलकर बोलते हैं और अपने विचारों पर दृढ़ रहते हैं. नितिन गडकरी ने कहा, ‘मैं जो बोलता हूं, डंके की चोट पर बोलता हूं। कोई माई का लाल मुझसे यह नहीं पूछ सकता कि मैंने जो कहा वह किया या नहीं किया.’ उन्होंने अपने संबोधन में मजदूरों के योगदान को देश निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भारत की प्रगति केवल मशीनों से नहीं, बल्कि लाखों श्रमिकों की मेहनत और समर्पण से संभव हुई है.

नितिन गडकरी ने कहा, ‘इस देश का निर्माण लाखों मजदूरों के खून और पसीने से हुआ है. हमारे श्रमिकों ने देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है. सड़कें हों, इमारतें हों, सिंचाई की परियोजनाएं हों या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट- ये सब सिर्फ मशीनों से नहीं, बल्कि मजदूरों की मेहनत से बने हैं. देश के विकास की असली रीढ़ यही श्रमिक वर्ग है, जिसे उचित सम्मान और अवसर मिलना चाहिए. सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें.’

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