बस्तर के आड़ावाल में विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर संपन्न

नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को किया गया जागरूक

भारत सरकार द्वारा किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित महत्वाकांक्षी विकसित कृषि संकल्प अभियान 2026 के तहत बस्तर जिले के ग्रामीण अंचलों में ज्ञान और तकनीक की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को जगदलपुर विकासखंड के ग्राम आड़ावाल में एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के मार्गदर्शन में किया गया। ग्राम सरपंच श्रीमती जयंती कश्यप के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस शिविर में कृषि और संबद्ध विभागों के विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को आधुनिक खेती और पशुपालन के गुर सिखाए।
शिविर के दौरान कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ग्रामीण विकास के लिए तकनीकी नवाचारों पर जोर देते हुए नील हरित शैवाल के लाभ, उन्नत नस्लों के चयन और पराली प्रबंधन जैसी ज्वलंत समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. जागेश्वरी तिग्गा और श्रीमती वेणुलता कोड़ोपी जैसे विशेषज्ञों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे किसान इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।
कार्यक्रम में तब एक विशेष उत्साह देखा गया जब वेटनरी पॉलीटेक्निक के 16 विद्यार्थियों ने भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक प्रभावी नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। इस नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने पशुपालन के आर्थिक महत्व और विभाग की योजनाओं को इतने सरल और आकर्षक अंदाज में पेश किया कि ग्रामीणजन मंत्रमुग्ध हो गए।
इस ज्ञानवर्धक शिविर का सकारात्मक असर मौके पर ही देखने को मिला, जहाँ बड़ी संख्या में किसानों ने विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु तत्काल आवेदन जमा किए। कार्यक्रम के सफल संचालन में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री शैलेश कुमार मरकाम, पटवारी खीरेंद्र ध्रुव, सचिव श्रीमती तुलसी साहू सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पशु सखियों और मितानिनों का विशेष योगदान रहा। सामूहिक भागीदारी और उत्साह के बीच संपन्न हुए इस शिविर ने आड़ावाल के किसानों को उन्नत और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक नई ऊर्जा प्रदान की है।



