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बस्तर के 10 हजार छात्रों तक एआई की शिक्षा पहुंचाने शिक्षकों का हुआ प्रशिक्षण

जगदलपुर। बस्तर की शैक्षणिक आबोहवा में आधुनिकता का नया रंग घुलने लगा है। यहां के विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक दूरदर्शी कदम उठाया है। धरमपुरा स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में 15 से 17 अप्रैल, 2026 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 21वीं सदी के कौशलों पर केंद्रित एक सघन तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

बस्तर जिला प्रशासन के साझा प्रयासों से फलीभूत हुए इस कार्यक्रम की बागडोर ‘द पाई जैम फाउंडेशन’ के हाथों में थी, जहाँ प्रशिक्षक नयन सोरी ने अपने तकनीकी कौशल से शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा पद्धति से रूबरू कराया। पूरे कार्यक्रम के सफल नियोजन और निगरानी की जिम्मेदारी पीपीआईए फेलो ने बखूबी निभाई।

इस कार्यशाला की सार्थकता इसमें सम्मिलित हुए प्रतिभागियों की विशेषज्ञता से और बढ़ गई। जिले के सभी ब्लॉकों से चुनकर आए कुल 25 शिक्षकों ने इसमें भाग लिया, जो कंप्यूटर विज्ञान, गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पृष्ठभूमि रखते हैं। प्रशिक्षण के दौरान पारंपरिक शिक्षण विधियों को पीछे छोड़ते हुए व्यावहारिक और प्रयोगात्मक अनुप्रयोगों पर जोर दिया गया। शिक्षकों ने न केवल एआई टूल्स के संचालन की बारीकियां सीखीं, बल्कि यह भी समझा कि कैसे इन आधुनिक तकनीकों को अपनी दैनिक कक्षा शिक्षण का हिस्सा बनाया जा सकता है।

इस अभिनव पहल का दूरगामी प्रभाव बस्तर के शिक्षा परिदृश्य को बदलने वाला साबित होगा। अनुमान है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 10,000 से अधिक छात्र सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, जिन्हें अब अपने ही विद्यालयों में डिजिटल युग की नई तकनीकों का ज्ञान मिलेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल शिक्षकों की क्षमता का विस्तार करते हैं, बल्कि छात्रों को आने वाले कल की करियर चुनौतियों और डिजिटल क्रांति के लिए मानसिक रूप से तैयार भी करते हैं। यह आयोजन बस्तर की प्रगतिशील सोच का एक सशक्त प्रमाण बनकर उभरा है।

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