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मानसून की चाल ने सबको चौंकाया, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ से भारी हाहाकार

देशभर में मानसून की रफ्तार इस समय काफी हैरान करने वाली बनी हुई है। देश के कुछ राज्यों में जहां बारिश पूरी तरह से थम गई है, वहीं दूसरी तरफ कई इलाके पानी में डूब चुके हैं। मौसम विभाग से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में मानसूनी हवाएं काफी कमजोर पड़ गई हैं। इसके विपरीत बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है।

मौसम वैज्ञानिकों ने इस विसंगति के पीछे मुख्य रूप से मानसूनी ट्रफ रेखा की स्थिति को जिम्मेदार माना है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नम हवाएं इस समय पूर्वी भारत के ऊपर आकर रुक गई हैं। नतीजतन पश्चिम और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पा रही है, जिससे वहां उमस और गर्मी बढ़ गई है। इस बदलते मिजाज के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में monsoon heavy rainfall updates को लेकर लोग लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बंगाल की खाड़ी में बना नया कम दबाव का क्षेत्र, पुरी रथयात्रा पर मंडराया संकट

मौसम विभाग ने ओडिशा के कई प्रमुख इलाकों के लिए भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसमें भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का मुख्य केंद्र पुरी भी शामिल है। वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के तटीय हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। आम भाषा में समझें तो कम दबाव का क्षेत्र हवा का एक ऐसा घेरा होता है जो अपने आसपास की नमी को खींचकर भीषण बारिश कराता है। इस मौसमी बदलाव के कारण बुधवार से शुक्रवार सुबह तक पुरी में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ से मची भीषण तबाही, 1 लाख से अधिक लोग हुए प्रभावित

दूसरी तरफ असम और अरुणाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश अब आफत बन चुकी है। अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए भूस्खलन और बाढ़ ने चार बड़े जिलों में भारी तबाही मचाई है। राज्य में अब तक 1.02 लाख से अधिक लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जबकि 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी तरह असम के 6 जिलों के 99 गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं, जहां लगभग 37,032 लोग बेघर हो गए हैं। असम का लखीमपुर जिला इस समय बाढ़ की सबसे भयंकर मार झेल रहा है, जहां राहत बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।

उत्तर भारत को अभी करना होगा थोड़ा इंतजार, नए मौसमी सिस्टम से ही मिलेगी राहत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों को अच्छी बारिश के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। जब तक बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का नया सिस्टम मजबूत होकर पश्चिम दिशा की ओर आगे नहीं बढ़ता, तब तक दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के राज्यों में झमाझम बारिश के आसार कम हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि आने वाले 4 से 5 दिनों में इस सिस्टम के सक्रिय होने से हवाओं का रुख बदलेगा। इसके बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान के सूखे इलाकों में भी मानसून एक बार फिर से रफ्तार पकड़ सकता है।

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