हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए

नई दिल्ली। मनोनीत सदस्य हरिवंश लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुन लिए गए हैं। उन्हें निर्विरोध चुना गया। राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने श्री हरिवंश के नाम का प्रस्ताव रखा। श्री हरिवंश का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने के बाद उपसभापति का पद रिक्त हो गया था। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के राज्यसभा से सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त हुए राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें मनोनीत किया था।
तीसरी बार उपसभापति चुने जाने के बाद श्री हरिवंश कहा कि मतभेद और स्वस्थ बहस लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय कामकाज में व्यवधान के लिए कोई जगह नहीं है।इससे पहले, राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री हरिवंश को तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी। श्री मोदी ने कहा कि उनकी बुद्धिमत्ता ने सदन के वातावरण को अधिक परिपक्व और रचनात्मक बनाने में योगदान दिया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी श्री हरिवंश को बधाई दी। हालांकि श्री खरगे ने चिंता व्यक्त की कि लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद वर्ष 2019 से रिक्त है।
राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि श्री हरिवंश का राज्यसभा के उपसभापति के रूप में एक बार फिर निर्विरोध निर्वाचित होना संतोष की बात है। श्री नड्डा ने कहा कि उनके नेतृत्व में सदन की कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है। सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।



