13 करोड़ के पार पहुंची एनएसई के रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या, 40 प्रतिशत इन्वेस्टर कम उम्र के

नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या के मामले में नया मुकाम हासिल कर लिया है। एनएसई के रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या 13 करोड़ के पार पहुंच गई है।
एनएसई ने सोमवार यानी 27 अप्रैल के कारोबारी सत्र के दौरान यह उपलब्धि हासिल की। इसके पहले सितंबर 2025 में एनएसई पर रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या 12 करोड़ के स्तर पर पहुंची थी।
इस तरह सिर्फ सात महीने की अवधि में ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से एक करोड़ नए रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स जुड़ गए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार एनएसई से जुड़े रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स में महिलाओं की संख्या में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
एनएसई के हर चार रजिस्टर्ड इन्वेस्टर में एक महिला है इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इन्वेस्टर्स की औसत आयु भी अब घट कर 33 साल हो गई है। इसके पहले साल 2021 में एनएसई के निवेशकों की औसत आयु 36 साल थी।
स्टॉक एक्सचेंज के रिकॉर्ड के मुताबिक इसके निवेशकों में लगभग 40 प्रतिशत संख्या 30 साल से कम उम्र के निवेशकों की है। आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में स्टॉक मार्केट के इन्वेस्टर्स की संख्या में बढ़ोतरी की रफ्तार काफी तेज हो गई है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इन्वेस्टर्स की संख्या एक करोड़ के स्तर तक पहुंचने में 14 साल की अवधि लगी थी। इसके बाद इन्वेस्टर्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी।
एक करोड़ इन्वेस्टर की संख्या पूरी करने के बाद अगले 11 साल में एनएसई के रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या चार करोड़ तक पहुंच गई। इसके बाद पिछले कुछ साल से स्टॉक एक्सचेंज से औसतन छह से आठ महीने की अवधि में ही एक करोड़ नए इन्वेस्टर जुड़ रहे हैं।
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2025-26 तक की पांच साल की अवधि में रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या 26.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ी।
इससे पहले के पांच साल की अवधि के दौरान ये दर 15.2 प्रतिशत थी। इसी अवधि के में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 18 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ कर 460.6 लाख करोड़ रुपये हो गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार देश के ज्यादातर हिस्सों के लोग रजिस्टर्ड इन्वेस्टर के रूप में एनएसई से जुड़ चुके हैं। फिलहाल देश के 99.85 प्रतिशत पिन कोड (पोस्टल एरिया) में एनएसई के रजिस्टर्ड इन्वेस्टर मौजूद हैं। मतलब देश के हर जिले में तो में एनएसई के रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स हैं ही, देश के ज्यादातर प्रखंडों तक एनएसई के रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स पहुंच गए हैं।
अगर एनएसई के संख्यात्मक तौर पर राज्यवार सबसे अधिक इन्वेस्टर की बात करें, तो महाराष्ट्र लगभग दो करोड़ रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स के साथ देश में सबसे अधिक इन्वेस्टर वाला राज्य है।
रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर हैं, जहां रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या लगभग 1.5 करोड़ है। वहीं गुजरात लगभग 1.1 करोड़ रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या के साथ तीसरे स्थान पर हैं।



