TISS का 86वां दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को, CJI सूर्यकांत की जगह नए मुख्य अतिथि तय

नई दिल्ली। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने अपने 86वें दीक्षांत समारोह के लिए मुख्य अतिथि बदल दिया है। अब टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. सीएस प्रमेश समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। यह दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। इससे पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाया गया था।
2 अगस्त को होना था दीक्षांत समारोह
TISS का 86वां दीक्षांत समारोह पहले 2 अगस्त को प्रस्तावित था। इसमें CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। हालांकि, कार्यक्रम से करीब 48 घंटे पहले संस्थान ने छात्रों को ई-मेल भेजकर समारोह स्थगित करने की जानकारी दी थी। TISS ने इसके पीछे सिर्फ ‘अप्रत्याशित परिस्थितियों’ का हवाला दिया था।
सुरक्षा और विरोध को लेकर उठे थे सवाल
TISS ने उस समय समारोह स्थगित करने की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की थी। हालांकि, छात्रों और संस्थान से जुड़े लोगों के मुताबिक, CJI सूर्यकांत की मौजूदगी को लेकर संभावित विरोध और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई थी। संस्थान ने अपने बयान में कहा था कि मौजूदा परिस्थितियों में समारोह को अनुकूल माहौल में आयोजित करना मुश्किल था और इससे छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, मेहमानों तथा कैंपस जीवन पर असर पड़ सकता था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह आशंका CJI सूर्यकांत की उस टिप्पणी से जुड़े विरोध के बीच सामने आई थी, जिसमें उन्होंने कुछ लोगों के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में CJI ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री के आधार पर कानून के पेशे में आने वालों के संदर्भ में थी, सभी युवाओं के लिए नहीं।
अब 22 अगस्त को होगा समारोह
स्थगित किए गए कार्यक्रम को अब 22 अगस्त के लिए फिर से तय किया गया है। नए कार्यक्रम में डॉ. सीएस प्रमेश को मुख्य अतिथि बनाया गया है। हालांकि, TISS की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मुख्य अतिथि बदलने का फैसला सुरक्षा चिंताओं के कारण किया गया है या यह कार्यक्रम को दोबारा तय करने के दौरान लिया गया प्रशासनिक निर्णय है।
अचानक कार्यक्रम टलने से कई छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी हुई थी। कई परिवार पहले ही यात्रा और ठहरने की व्यवस्था कर चुके थे। TISS ने कहा था कि स्थगन के कारण होने वाली आर्थिक परेशानी से जुड़े अनुरोधों पर मामले के आधार पर विचार किया जाएगा।
NALSAR में भी CJI को मुख्य अतिथि बनाने का विरोध
CJI सूर्यकांत को लेकर इससे पहले हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में भी विवाद सामने आया था। करीब 450 छात्रों ने दीक्षांत समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। छात्रों के विरोध के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने कुछ छात्रों के वकील के रूप में नामांकन पर रोक लगा दी थी।
इस फैसले पर विवाद बढ़ने के बाद BCI ने अपना आदेश वापस ले लिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में हस्तक्षेप किया और परिषद की एकतरफा कार्रवाई पर सवाल उठाए।



