Ram Mandir: पुजारियों के लिए नई व्यवस्था, गर्भगृह में मोबाइल पर रोक

अयोध्या: अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में पुजारियों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी गई है। पुजारियों के लिए तय वस्त्र पहनना, तिलक लगाना और पंचकेशी यानी क्षौर का पालन करना अनिवार्य किया गया है। शुचिता को लेकर भी कई निर्देश जारी किए गए हैं। ड्यूटी के दौरान पुजारियों को ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों समेत परिसर के अन्य कर्मचारियों से संपर्क और बातचीत नहीं करने को कहा गया है।
पूजा-अर्चना की मर्यादा और शुचिता पर जोर
नई व्यवस्था के तहत शौच के बाद बिना स्नान किए मंदिर या कोठार में आने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर परिसर में रहने के दौरान तिलक लगाना अनिवार्य होगा।
पुजारियों को धर्म समिति की ओर से तय वस्त्र ही पहनने होंगे। इसके अलावा पंचकेशी यानी क्षौर का पालन करना भी जरूरी होगा।
मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए भोग-प्रसाद के अलावा बाहर से किसी भी सामग्री को गर्भगृह में ले जाने पर रोक लगा दी गई है।
ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों से बातचीत पर भी रोक
पुजारियों को निर्देश दिया गया है कि सेवाकाल के दौरान मंदिर व्यवस्था, धर्मगुरु और आचार्यों के अलावा परिसर के अन्य कर्मचारियों से किसी तरह का संपर्क या बातचीत न करें। इसमें ट्रस्ट के कार्यकर्ता और सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं।
पुजारियों से मंदिर परिसर में रहते समय लगातार बातचीत, क्रिया-प्रतिक्रिया, समूह में बातचीत और हंसी-मजाक से दूर रहने को कहा गया है। किसी घटना की स्थिति में शांति से स्थिति संभालने और जिम्मेदार लोगों से सहयोग लेने का निर्देश दिया गया है।
असहयोग या असंतुष्टि की स्थिति में आचार्य से संपर्क कर सलाह लेने को कहा गया है। सेवाकाल के दौरान समय का पालन करने और निर्धारित स्थल पर मौजूद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सेवाकाल पूरा होने के बाद पुजारियों को अपने सहयोगियों को लिखित रूप में समीक्षा देने को कहा गया है।
आचार्य बोले- कोई विशेष आदेश या सनद जारी नहीं
आचार्य इंद्रदेव मिश्रा के मुताबिक, रामानंदी परंपरा के अनुसार राम मंदिर में पूजन-अर्चन कराया जा रहा है। मंदिर के व्यवस्थापक का कहना है कि पुजारियों को कोई विशेष आदेश या सनद जारी नहीं किया गया है। उन्हें पूजा-अर्चना की मर्यादा और व्यवस्था की जानकारी दी गई है।
कृष्ण जन्माष्टमी से राम मंदिर में आरती की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।
तीन दिवसीय बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा
इधर, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक रविवार से शुरू हो गई है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माणाधीन स्मारक स्तंभ और पुराने अस्थायी मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया।
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, स्मारक स्तंभ का निर्माण अंतिम चरण में है। नृपेंद्र मिश्र ने स्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालु सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में निर्माण और अन्य संबंधित परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
निर्माण एजेंसियों के साथ मंदिर और उससे जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आगामी कार्यों की समीक्षा के लिए कल और आज दो दिन बैठक की जा रही है।
बाहरी सुरक्षा दीवार पर भी चर्चा की संभावना
बैठकों में मंदिर परिसर के चारों ओर करीब 4 किलोमीटर लंबी बाहरी सुरक्षा दीवार के निर्माण पर भी चर्चा होने की संभावना है।
समिति की बैठक 15 सितंबर को राम कथा संग्रहालय में होगी। इस बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रिटायर एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा के पहली बार शामिल होने की संभावना है।



