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आईटीआई के लिए परिणाम-आधारित ग्रेडिंग व्यवस्था लाने पर सरकार कर रही विचार

 नयी दिल्ली.  केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बृहस्पतिवार को ‘कौशल मंथन’ कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता की जिसमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के लिए परिणाम-आधारित ग्रेडिंग व्यवस्था लाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे राज्य मंत्री चौधरी की अध्यक्षता में हुई इन चर्चाओं का केंद्र राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सुधारों और पहलों की पहचान पर रहा। एक सप्ताह चले ‘कौशल मंथन’ कार्यक्रम में क्षेत्रीय कौशल परिषदों (एसएससी) को सशक्त करने और प्रशिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाने जैसे सुधारों पर भी चर्चा हुई।

समापन सत्र के दौरान ‘कौशल संकल्प 2026′ को अंतिम रूप दिया गया जो आने वाले साल में नीतिगत कार्रवाई और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेगा। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, चर्चाओं में अगले चरण के सुधारों पर जोर दिया गया। इनमें परिणामों पर आधारित दृष्टिकोण, राज्य सरकारों और उद्योग के साथ बेहतर समन्वय तथा प्रशिक्षण गुणवत्ता, मूल्यांकन और प्रमाणन की निगरानी को मजबूत करना शामिल है।

इन चर्चाओं का एक प्रमुख विषय संस्थागत ढांचे को मजबूत करते हुए प्रक्रियाओं को सरल बनाना रहा। प्रस्तावित दिशा-निर्देशों में आईटीआई के लिए परिणाम-आधारित ग्रेडिंग व्यवस्था लागू कर गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय एवं संस्थागत स्तर पर शक्तियों का विकेंद्रीकरण शामिल है।

बैठक में एसएससी के पुनर्गठन एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही उनकी नियमित समीक्षा की जरूरत पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा प्रौद्योगिकी बदलाव और उद्योग की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रमों में लगातार सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

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