अमरावती के अस्पताल में वेंटिलेटर ब्लास्ट, धुएं से घुट गया

महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा विभाग (NICU) में सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में धुएं के कारण दम घुटने से तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई। आग लगने की वजह वेंटिलेटर में हुआ अचानक विस्फोट माना जा रहा है, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के वक्त संबंधित कक्ष में 12 नवजात बच्चे भर्ती थे, जिनमें से छह बच्चों का इलाज अमरावती के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जारी है।
वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद फैला धुआं
अमरावती जिला महिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात शिशु गहन चिकित्सा विभाग में तड़के अचानक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, कक्ष में लगे एक वेंटिलेटर में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट के कुछ ही पलों के भीतर भयंकर आग लग गई और पूरे गहन चिकित्सा विभाग में धुएं का गुबार भर गया। आग तेजी से फैलने के कारण अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर बच्चों को निकाला
हादसे की जानकारी मिलते ही ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए धुएं से भरे कक्ष में प्रवेश किया और बच्चों को बाहर निकाला। हालांकि, कक्ष के भीतर धुएं का घनत्व बहुत अधिक होने की वजह से तीन मासूम बच्चों की दम घुटने से जान चली गई।
6 नवजातों का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज जारी
घटनास्थल से बाहर निकाले गए छह नवजात शिशुओं की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत अमरावती के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम इन बच्चों का इलाज कर रही है और उनकी स्थिति को स्थिर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर 13-13 बच्चों की क्षमता वाले कुल तीन गहन चिकित्सा कक्ष हैं, जिनमें 39 बच्चों के इलाज की क्षमता है।
दमकल ने पाया आग पर काबू, कारणों की जांच शुरू
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग लगने का प्राथमिक कारण वेंटिलेटर में विस्फोट बताया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए मामले की जांच की जा रही है कि दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या अन्य कारण से हुई।



