जल जीवन मिशन : गंगरेल के दुर्गम हरफर में ‘नल से जल’ लाया बदलाव की नई किरण

रायपुर, गंगरेल जलाशय की विशाल जलराशि और घने जंगलों के बीच बसा धमतरी विकासखंड की ग्राम पंचायत अरौद डुबान का आश्रित गांव हरफर आज विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। महज 17 परिवारों और 52 की आबादी वाले इस गोंड जनजाति बहुल गांव में ‘जल जीवन मिशन’ ने खुशहाली, स्वास्थ्य और सम्मान का नया सबेरा ला दिया है।

अतीत का संघर्ष: पास था पानी, फिर भी दूर थी सुविधा
भौगोलिक रूप से दुर्गम और कम आबादी होने के कारण हरफर में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा। गंगरेल बांध के करीब होने के बावजूद ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए स्थानीय कुओं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर बरसात के मौसम में दूषित जल से बीमारियों का खतरा बना रहता था। जल लेने में महिलाओं का काफी समय और श्रम खर्च होता था, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित रहती थी।
बदलाव की बयार: सौर ऊर्जा से हर घर तक पहुंचा जल
जल जीवन मिशन के तहत हरफर की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा आधारित जलप्रदाय योजना स्थापित की गई। इस आधुनिक तकनीक से गांव के सभी 17 परिवारों को नल कनेक्शन देकर उनके घर की चौखट तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया।
हरफर में आए परिवर्तन से समय और श्रम की बचत होने लगी है। पानी दूर से लाने की मजबूरी खत्म होने से ग्रामीण अब रोजगार, कृषि और बच्चों की देखभाल पर ध्यान दे पा रहे हैं। इससे महिलाओं को भी बड़ी राहत मिली है। घरेलू कार्यों और भोजन पकाने के लिए अब घर पर ही शुद्ध जल उपलब्ध है। इसी तरह दूषित जल से होने वाली बीमारियों पर लगाम लगी है और ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
स्थानीय निवासी श्री सुंदर सिंह कुनजाम कहते है कि हमारे परदादा के समय से परिवार यहाँ बसा है। पहले तालाब और कुएं से पानी ढोना पड़ता था। अब घर पर ही नल से साफ पानी मिल रहा है—यह हमारी पीढ़ियों का सबसे बड़ा सकारात्मक बदलाव है।
अंतिम छोर तक पहुंचा विकास
हरफर की यह सफलता प्रमाणित करती है कि शासन की योजनाओं का असली ध्येय अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। सुंदर सिंह कुनजाम और समस्त हरफर वासियों ने इस जीवनदायिनी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है। केवटी गुंडरा और घड़िया गुंडरा की प्राकृतिक वादियों में बसा यह छोटा सा गांव अब केवल अपनी सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि जल जीवन मिशन से आए जमीनी बदलाव की एक जीवंत मिसाल बन चुका है।



