मानसून की पहली मार, कहीं कार डूबी तो कहीं घर गिरे

देश भर में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गुरुवार को हुई मूसलाधार वर्षा के कारण सामान्य जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिल्ली और एनसीआर के शहरों से लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरान हादसों और बिजली गिरने से कुल 20 लोगों की मौत की खबर है।
हादसों का सिलसिला और मौत का तांडव
बारिश के कारण उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। गाजियाबाद में जलभराव के बीच 3 साल की मासूम बच्ची की डूबने से मौत हो गई। वहीं इंदिरापुरम में बिजली का करंट लगने से एक चौकीदार की जान चली गई। बुलंदशहर में मकान की दीवार ढहने से एक ही परिवार के 3 लोगों की जान गई है। इसके अलावा पूर्वांचल के 4 जिलों में बिजली गिरने यानी वज्रपात से 7 लोगों की मौत हो गई।
दिल्ली-एनसीआर में सड़कों का बुरा हाल
दिल्ली और आसपास के इलाकों में जलभराव ने सरकारी तैयारियों की पोल खोल दी है। दिल्ली के भोगल अंडरपास में एक महंगी कार पानी में फंस गई। साहिबाबाद में वसुंधरा सेक्टर 13 के पास सड़क अचानक 15 फीट नीचे धंस गई, जिसमें एक कार समा गई। एनसीआर की कई हाउसिंग सोसायटियों और अपार्टमेंट्स के बेसमेंट में पानी भरने से 200 से अधिक वाहन खराब हो गए। सड़कों पर जाम के कारण यातायात रेंगता नजर आया।
अगले 2 दिनों तक सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने दिल्ली समेत देश के 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ समेत 60 से ज्यादा जिलों के लिए भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। अगले 48 घंटों तक लोगों को घर से बाहर निकलते समय बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने को कहा है।



