8 साल पुराने मामले में FIR, अब सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से जुड़े एक धर्म परिवर्तन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने हेमराज टेलर के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। हेमराज पर एक परिवार को धर्म विशेष अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोप है। इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हेमराज की एफआईआर रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया था।
8 साल पुराने मामले पर उठे सवाल
जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान हेमराज टेलर के वकील ने कोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता महिला के पति ने करीब 8 साल पहले धर्म परिवर्तन किया था। वकील ने दलील दी कि इतने सालों बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही कोर्ट को बताया गया कि हेमराज और उसका परिवार खुद हिंदू धर्म का पालन करते हैं।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि हेमराज टेलर ने ही उसके पति को धर्म बदलने का सुझाव दिया था। महिला का कहना है कि हेमराज के प्रभाव में आकर ही पति ने अपना धर्म बदला। आरोप यह भी है कि पिछले डेढ़ साल से हेमराज के कहने पर महिला और उसके नाबालिग बेटे पर भी धर्म बदलने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत
हेमराज टेलर ने सबसे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उसने जीरापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज केस को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद हेमराज ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही पर रोक लगा दी है, जिससे याचिकाकर्ता को बड़ी राहत मिली है।



