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मानसून बना आफत: बिजली गिरने और बाढ़ में 8 की मौत, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार बारिश, आकाशीय बिजली और उफनती नदियों के कारण कई जगह हादसे सामने आए हैं। मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने और पानी में बहने की घटनाओं में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोग घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

मध्य प्रदेश में बिजली गिरने से तीन की मौत

मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के बाद तेज बारिश और आंधी का दौर जारी है। हरदा और खरगोन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की जान चली गई। वहीं बैतूल जिले में बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए। उनका इलाज जारी है।

इसके अलावा चंपा नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से बाइक सहित दो युवक तेज बहाव में बह गए। राहत और बचाव दल उनकी तलाश में जुटा है।

बिहार और उत्तर प्रदेश में भी हादसे

बिहार में भी आकाशीय बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पिकनिक मनाने गए तीन लोग बरसाती नाले के तेज बहाव में फंस गए। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया।

उत्तराखंड में नदियां उफान पर

उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। देहरादून में रिस्पना नदी उफान पर बह रही है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से संगम की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऋषिकेश में 31 अगस्त तक राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है।

इन राज्यों में पहुंचा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों में प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही मानसून अब देश के 26 राज्यों तक पहुंच चुका है।

जून में सामान्य से 39.8 फीसदी कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल जून महीने में देश में सामान्य से 39.8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। जून में सामान्य 165.3 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 99.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। यह वर्ष 1901 के बाद जून महीने की सबसे कम बारिश वाले वर्षों में शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो का असर इस बार मानसून पर भी देखने को मिल रहा है।

अगले कुछ दिनों का मौसम

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पूरे जम्मू-कश्मीर तक पहुंच सकता है। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

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