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Caste Census 2027 : 17 अगस्त से शुरू होगा नया विकल्प

Caste Census 2027 : भारत में आठवीं जनगणना के तहत पहली बार मुख्य जनसंख्या गणना चरण में जाति संबंधी आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। भारत के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना से पहले 17 से 31 अगस्त 2026 तक नागरिकों को ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प मिलेगा। इसके बाद 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी। देश के अन्य राज्यों में यह चरण अगले साल शुरू होने की संभावना है।

सबसे पहले इन क्षेत्रों में होगी जनगणना

आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की शुरुआत लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों से होगी। इन इलाकों के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

इन तारीखों को रखें याद

बर्फबारी वाले क्षेत्रों में ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा 17 से 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच गणनाकर्मी घर-घर जाकर जनसंख्या का विवरण जुटाएंगे। 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक संशोधन (रिविजनल राउंड) का चरण चलेगा। इन क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026 की आधी रात को रेफरेंस तारीख निर्धारित किया गया है। देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना का चरण अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है।

पहली बार मुख्य चरण में जुटाए जाएंगे जाति संबंधी आंकड़े

आजादी के बाद यह पहला अवसर होगा जब भारत की जनगणना के मुख्य चरण में जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सोशल मीडिया पर आरक्षण हटाने को लेकर विभिन्न तरह की मुहिम चल रही हैं।

जाति बताने के लिए दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जाति संबंधी जानकारी दर्ज कराने के लिए किसी भी व्यक्ति को जाति प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। गणनाकर्मी केवल उत्तरदाता द्वारा बताई गई जाति को दर्ज करेंगे।

माता-पिता की जन्म संबंधी जानकारी भी ली जा सकती है

जनगणना के दौरान जाति के अलावा माता-पिता की जन्म-तारीख और जन्म-स्थान की जानकारी भी ली जा सकती है। यह जानकारी जनसंख्या गणना प्रक्रिया का हिस्सा होगी।

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