महाराष्ट्र में 1 सितंबर से दूध 9 रुपये तक महंगा, जानें वजह

महाराष्ट्र में त्योहारों के सीजन से पहले दूध की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने जा रही है। राज्य में 1 सितंबर 2026 से दूध के दाम 9 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ेंगे। इससे पहले 11 अगस्त को भी गाय और भैंस के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। करीब तीन हफ्ते के भीतर दूसरी बार दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर पड़ना तय है।
2026 में कई राज्यों में बढ़े दूध के दाम
इस साल दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार देखने को मिला है। 14 मई को अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। इसके बाद राजस्थान की सरस, मध्य प्रदेश की सांची और महाराष्ट्र की गोकुल जैसी डेयरियों ने भी मई में कीमतें बढ़ाईं।
जून की शुरुआत में केरल की मिल्मा ने दूध के दाम 4 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए। अगस्त में महाराष्ट्र में पहले 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई और अब 1 सितंबर से 9 रुपये प्रति लीटर तक कीमत बढ़ाने का ऐलान किया गया है।
जून की शुरुआत में केरल की मिल्मा ने दूध के दाम 4 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए। अगस्त में महाराष्ट्र में पहले 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई और अब 1 सितंबर से 9 रुपये प्रति लीटर तक कीमत बढ़ाने का ऐलान किया गया है।
2025 में भी कई बार बढ़े थे दाम
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला 2025 में भी जारी रहा था। 1 अप्रैल को कर्नाटक मिल्क फेडरेशन ने नंदिनी दूध के दाम 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। इसके बाद 30 अप्रैल को मदर डेयरी और 1 मई को अमूल और पैराग मिल्क फूड्स ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक इजाफा किया।
22 मई को बिहार और झारखंड में सुधा डेयरी ने अलग-अलग वैरिएंट के दूध के दाम 2 से 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए थे। इसी दौरान हेरिटेज फूड्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में डेयरी उत्पादों के दाम 1 से 2 रुपये तक बढ़ाने के संकेत दिए थे।
दिल्ली-NCR में भी बढ़ी कीमत
दिल्ली-NCR में भी पिछले कुछ वर्षों में दूध महंगा हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2022 में फुल क्रीम दूध करीब 58 रुपये प्रति लीटर था। वहीं टोंड दूध 48 रुपये प्रति लीटर में मिलता था।
फरवरी 2023 तक फुल क्रीम दूध की कीमत बढ़कर 66 रुपये और टोंड दूध की कीमत 54 रुपये प्रति लीटर हो गई। मई 2026 की बढ़ोतरी के बाद मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध दिल्ली-NCR में 72 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। यानी फरवरी 2022 के मुकाबले फुल क्रीम दूध 14 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।
क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम?
CRISIL के 37 बड़ी डेयरी कंपनियों के विश्लेषण के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में दूध की कीमतें 4 से 5 फीसदी तक और बढ़ सकती हैं। कंपनियां यह बढ़ोतरी एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से कर सकती हैं।
दूध के अलावा पनीर, घी, मक्खन और फ्लेवर्ड मिल्क जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी ज्यादा रह सकती है। CRISIL के अनुमान के मुताबिक पूरे डेयरी सेगमेंट में औसत खुदरा कीमतें 5 से 6 फीसदी तक बढ़ सकती हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं दूध के दाम?
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कच्चे दूध की खरीद लागत और उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी प्रमुख वजह है। तेज गर्मी और कमजोर मानसून जैसी मौसमी परिस्थितियां पशुओं की दूध देने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
पशु चारे की कीमत बढ़ने से किसानों की उत्पादन लागत भी बढ़ती है। इसका असर डेयरियों की खरीद लागत पर पड़ता है। दूसरी ओर दूध की मांग मजबूत बनी हुई है।
CRISIL के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्षMaharashtra Milk Price Hike, Milk Price Increase 2026, Milk Price Hike September 2026, Dairy Price Hike India, Milk Price India 2027 में कच्चे दूध के उत्पादन की वृद्धि करीब 4 फीसदी रह सकती है। वित्त वर्ष 2020 से 2025 के बीच यह औसतन करीब 5 फीसदी रही थी। ऐसे में उत्पादन की धीमी रफ्तार और बढ़ती लागत का असर आने वाले समय में दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है।



