हैदराबाद में योग महोत्सव: 6,000 लोगों ने भुजंगासन कर बनाया एशिया रिकॉर्ड
नई दिल्ली। मोतियों की नगरी हैदराबाद में आयोजित योग महोत्सव में हजारों लोगों ने भाग लेकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों को नई ऊर्जा दी। मुख्य आयोजन से 50 दिन पहले हुए इस कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों की भागीदारी देखने को मिली। कान्हा शांति वनम में आयोजित इस कार्यक्रम में 6,000 से अधिक प्रतिभागियों ने एक साथ भुजंगासन का अभ्यास किया। यह उपलब्धि एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज की गई, जो एक साथ योग आसन करने वाले सबसे बड़े समूहों में शामिल है।
इस योग महोत्सव में कजाकिस्तान, बुल्गारिया, क्यूबा, नामीबिया, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह योग के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और भारत की सॉफ्ट पावर को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक अनमोल उपहार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित समाज जरूरी है, जिसमें योग अहम भूमिका निभाता है।उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद को तकनीक के साथ-साथ योग और समग्र स्वास्थ्य के वैश्विक केंद्र के रूप में भी उभरना चाहिए।
आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है।उन्होंने ‘योग 365’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य लोगों को रोजाना योग अपनाने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही, 21 जून तक चलने वाले 100 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने घोषणा की कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की उलटी गिनती के तहत अगला योग महोत्सव खजुराहो में आयोजित किया जाएगा, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और स्वास्थ्य परंपराओं का संगम है।
आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनालिसा दास ने कहा कि यह आयोजन देशभर में स्वास्थ्य और एकता को बढ़ावा देने वाला आंदोलन बनेगा। वहीं, हार्टफुलनेस के अध्यक्ष कमलेश डी पटेल (दाजी) ने ध्यान सत्र का संचालन किया।इस मौके पर सांसद डीके अरुणा और आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों का अहम हिस्सा है, जो योग के जरिए स्वास्थ्य, कल्याण और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



